लखीमपुर खीरी। स्कूलों की छुट्टी होते ही शहर के कई प्रमुख मार्ग जाम में कैद हो जाते हैं। स्कूल बसों, ई-रिक्शा, ऑटो, वैन, दोपहिया और निजी वाहनों का दबाव बढ़ने से प्रमुख स्कूलों के बाहर वाहनों की कतार लग जाती है।
बुधवार को शहर में की गई पड़ताल के दौरान आर्यकन्या इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, नहरिया के पास डॉन बॉस्को स्कूल और केंद्रीय विद्यालय समेत कई स्कूलों के आसपास जाम की स्थिति दिखी। इससे बच्चे और अभिभावक परेशान हुए। हालांकि, सीओ ट्रैफिक का दावा है कि स्कूलों की छुट्टी के दौरान चौराहों पर ट्रैफिक कर्मियों की संख्या दोगुनी कर दी जाती है और जाम खुलवाने के लिए मोबाइल बाइक भी लगाई गई है।
शहर में 30 से अधिक निजी व सरकारी स्कूल हैं। इनमें 20 स्कूलों के आसपास जाम की समस्या अधिक बताई जा रही है। दोपहर में स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी होते ही दोपहिया वाहन, स्कूल बसें, ई-रिक्शा, ऑटो, वैन और निजी वाहन सड़कों पर खड़े हो जाते हैं। कई अभिभावक सड़क के बीच या किनारे वाहन खड़े कर बच्चों का इंतजार करते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे आर्यकन्या इंटर कॉलेज की छुट्टी होते ही चौराहे पर जाम लग गया। पास में पुलिस चौकी होने के बावजूद उस समय ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाला कोई नजर नहीं आया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के आसपास भी यही स्थिति रही। दुख:हरण मंदिर और कंपनी बाग के पास काफी देर तक जाम लगा रहा, लेकिन पड़ताल के दौरान वहां भी कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
राजकीय इंटर कॉलेज, गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज और स्वामी श्याम प्रकाश इंटर कॉलेज की छुट्टी लगभग एक ही समय होने से भी वाहनों का दबाव बढ़ा। रोडवेज बसें भी इसी मार्ग से गुजरती हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई।
नहरिया के पास डॉन बॉस्को स्कूल की छुट्टी के बाद सड़क पर जाम लगा रहा। स्कूल का एक गेट पीछे है, जिससे बच्चे आते-जाते हैं। छुट्टी के बाद एक साथ सड़क पर पहुंचने से जाम की स्थिति बनी। केंद्रीय विद्यालय की छुट्टी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे होने पर मेला मैदान रोड पर भी जाम नजर आया। लखनऊ पब्लिक स्कूल, सिटी मॉन्टेसरी, ज्ञान स्थलीय और लॉ मटीना आदि स्कूलों के आसपास भी जाम की समस्या देखने को मिली।
पार्किंग न होने से बढ़ रही परेशानी
स्कूलों की छुट्टी का समय पहले से तय होने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आती। अभिभावकों और अन्य वाहनों के सड़क किनारे या सड़क पर खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। दूसरी तरफ लखीमपुर डिपो के बस अड्डे का निर्माण चल रहा है। परिसर में निर्माण सामग्री पड़ी होने से पर्याप्त स्थान नहीं है। ऐसे में अधिकांश रोडवेज बसें सड़क और चौराहों पर खड़ी होती हैं, जो जाम की समस्या बढ़ाती हैं। स्कूलों की छुट्टी के दौरान वाहनों का दबाव बढ़ने से परेशानी और बढ़ जाती है।
छुट्टी के दौरान दोगुनी करते हैं ट्रैफिक कर्मियों की संख्या : सीओ ट्रैफिक
सीओ ट्रैफिक अभिमन्यु त्रिपाठी ने बताया कि हर चौराहे पर तीन से चार ट्रैफिक सिपाही, पीआरडी और होमगार्ड के जवान रहते हैं। स्कूलों की छुट्टी के दौरान यह संख्या दोगुनी कर दी जाती है। एक मोबाइल बाइक भी घूमती है। जाम लगने पर कर्मी वाहनों को निकलवाते हैं। आगे से छुट्टी के दौरान और ध्यान दिया जाएगा, ताकि कहीं भी जाम न लगे।
गुरु गोविंद सिंह चौक के पास लगा जाम। संवाद