प्रदेश की सपा सरकार तानाशाहों की सरकार है। किसानों के हितों के नाम पर
वोट हासिल कर सरकार बनाने के बाद किसानों के ही हितों की अनदेखी कर रही है।
केंद्र सरकार द्वारा मुआवजे की धनराशि भेजने के बाद भी किसानों को नहीं दी
जा रही है। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कस्ता में
आयोजित किसान महापंचायत में कही।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार राजनीतिक
दृष्टिकोण से किसानों के मुआवजे का आकलन करा रही है जो कि सर्वथा निंदनीय
है। राजस्वकर्मियों द्वारा किसानों को बगैर सूचना दिए मुआवजे के लिए गुपचुप
तरीके से सर्वेक्षण कराकर सपा कार्यकर्ताओं को लाभ देने का काम किया जा
रहा है।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने असामयिक बरसात से किसानों की
नष्ट हुई फसल के मुआवजे के लिए ग्यारह सौ करोड़ रुपये प्रदेश सरकार को दिए
हैं किंतु यूपी सरकार ने अब तक किसानों को मुआवजा देना तो दूर नुकसान का
सही आकलन तक नहीं कराया है। उन्होंने प्रदेश के किसानों की फसल बर्बादी के
लिए किसानों के साथ संघर्ष करने का ऐलान किया। प्रदेश अध्यक्ष ने उच्च
न्यायालय के निर्देशानुसार डीएम से गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कराने की
मांग की। किसान महापंचायत में क्षेत्र के ग्राम पथरा निवासी किसान वीरपाल
और अवनीश तिवारी सहित तमाम किसानों ने कहा कि नुकसान आकलन करने कोई नहीं
आया। किसानों ने आरोप लगाया कि फसल के सर्वे में भी भेदभाव किया गया। किसान
पंचायत में तमाम किसानों ने अपनी समस्याएं भी बताई। किसान महापंचायत में
प्रदेश मंत्री विरेंद्र तिवारी, अनूप गुप्ता, चंद्रभाल सिंह, जिला सचिव
पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा, इतेंद्र वर्मा, सौरभ सिंह सोनू, जिलाध्यक्ष
विनोद मिश्र, मनोज वर्मा किसान मोर्चा के रामनरेश लोधी सहित सहित तमाम
किसान मौजूद रहे।
नुकसान की सूची देख बिफरे वाजपेयी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी पंचायत के बाद किसानों के हुए नुकसान की सर्वेक्षण सूची लेने तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो के कार्यालय पहुंचे। यहां रजिस्ट्रार कानूनगो परमेश्वरदीन ने सूची देने में हीलाहवाली की इस पर झल्लाए लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सूची न मिलने तक अभिलेखागार तक न जाने की घोषणा कर दी। उन्होंने एसडीएम से नुकसान के सर्वे की सूची देने की मांग की। वाजपेयी तभी माने जब उन्हें सूची मिल गई। सूची देखकर वे गुस्सा हो गए।
भाजपा कार्यकर्ता चलाएंगे महासंपर्क अभियान
लखीमपुर खीरी। किसान पंचायत के बारे में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपेक्षा का आलम यह है कि अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार का एक भी मंत्री किसान के खेत पर नहीं गया है। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कस्ता में आयोजित किसान पंचायत में जाने से पूर्व पत्रकारों से कही। उन्होंने भाजपा सदस्यता अभियान पर भी विस्तार से जानकारी दी। कहा कि सदस्यता अभियान के बाद कार्यकर्ता महा संपर्क अभियान चलाकर जो डिजिटल सदस्य बनाए हैं, अब उनके घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा के शोरूम पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने जो डिजिटल सदस्य बनाए हैं। दिल्ली से उन सभी की सूची जिलों को भेज दी गई है। अब उन सभी सदस्यों से भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर जन संपर्क करेंगे। इसके लिए जिले में 5 से 7 मई तक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इसके बाद 20 मई तक मंडलीय कार्यशाला होगी। 24 मई से 8 जून तक संपर्क अभियान चलाया जाएगा। 15 से 20 जून तक जो व्यक्तिगत सदस्य बनाए गए हैं उनके घर जाकर संपर्क किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संपर्क के दौरान नए सदस्यों को भाजपा का इतिहास, केंद्र सरकार की उपलब्धियां और प्रदेश सरकार की विफलता के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर पार्टी के मुख्य कार्य जैसे नमामि गंगे, स्वच्छता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सिर पर मैला ढोने आदि के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2016 तक सिर पर मैला ढोने की प्रथा पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य है।
प्रेसवार्ता के दौरान, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा, दीपक पुरी, इतेंद्र वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, अजय सिंह, मीडिया प्रभारी रमेशचंद्र मिश्रा सहित तमाम लोग उपस्थित थे।