पसगवां। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में हिमांशु की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा। यह जानकारी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी।
विमलेश कुमार निवासी गणेशापुर ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि बीती 13 सितंबर को उसके बेटे 15 वर्षीय हिमांशु को बुखार आया था। इलाज के लिए वह गणेशापुर निवासी झोलाछाप
विकास राठौर के कुइयांखेड़ा स्थित क्लीनिक पर पहुंचा। विकास ने बुखार की दवा दे दी। दवा खाने के बाद भी जब बुखार कम नहीं हुआ तब फिर से इसकी जानकारी विकास को दी गई। इसके बाद हिमांशु के दो इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगते ही हिमांशु की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। बाद में उसकी मौत हो गई।
आरोपी विकास राठौर के चाचा रामनाथ राठौर निवासी गणेशापुर कोतवाली पसगवां ने हिमांशु का शव दफन करा दिया था। इसके बाद विमलेश ने विकास सहित दो के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के लिए डीएम के निर्देश पर कब्र खुदवाकर हिमांशु के शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। अब बिसरा जांच के बाद ही पुलिस विवेचना की दिशा तय हो सकेगी ।