लखीमपुर खीरी। जिले के 3478 आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के 1.60 लाख बच्चों को मिलने वाला गर्म पका भोजन (हॉट कुक्ड) पांच महीने से प्रभावित है। बजट न मिलने से केंद्रों पर भोजन तैयार नहीं हो पा रहा।
विभागीय अफसरों का दावा है कि स्कूल परिसर में संचालित केंद्रों के बच्चों को मिड-डे मील से भोजन दिया जा रहा है। प्राथमिक स्कूलों से दूर 727 केंद्रों के बच्चों की व्यवस्था पर अफसर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
जिले के 15 ब्लॉकों में संचालित इन केंद्रों पर शून्य से छह वर्ष तक करीब 2.27 लाख बच्चे और बड़ी संख्या में गर्भवती व धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। बाल विकास पुष्टाहार विभाग इनके लिए पुष्टाहार सहित अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करता है।
हॉट कुक्ड में प्रति बच्चे प्रतिदिन 4.50 रुपये का बजट तय है। सोमवार और बृहस्पतिवार को रोटी-सब्जी, मंगलवार और शनिवार को दाल-चावल तथा बुधवार और शुक्रवार को तहरी देने की व्यवस्था है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 2751 केंद्र स्कूल परिसर में संचालित हैं। बारिश के चलते कई केंद्रों में जलभराव से बच्चे वहां नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जिले में नौ टीएचआर प्लांट
जिले के नौ ब्लॉकों में टीएचआर प्लांट संचालित हैं। प्रत्येक प्लांट पर प्रतिदिन चार से पांच एमटी पुष्टाहार तैयार होता है, जिसे रोस्टर के अनुसार केंद्रों पर भेजा जाता है। एनआरएलएम की मदद से समूह की महिलाएं इनका संचालन करती हैं। यहां छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए पुष्टाहार तैयार होता है।
विभाग के अनुमानित आंकड़े
जिले में आंगनबाड़ी केंद्र- 3478
स्कूल परिसर में संचालित केंद्र- 2751
स्कूल परिसर से दूर संचालित केंद्र- 727
शून्य से छह वर्ष तक के बच्चे- 2.27 लाख
तीन से छह वर्ष तक के बच्चे- 1.60 लाख
हॉट कुक्ड में प्रति बच्चा एक दिन का बजट- 4.50 रुपये
बजट न होने से आंगनबाड़ी केंद्र पर हॉट कुक्ड नहीं बन पा रहा है, लेकिन स्कूल के मिड-डे मील से बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। बजट की मांग की गई है।
-भारत प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी
स्कूल परिसर में जो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, उनके बच्चों को मिड-डे मील से भोजन दिया जाता है।
-प्रवीण कुमार तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी