जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। वह इसलिए क्योंकि वर्ष 2010 में हुए चुनावों की तुलना और नए सर्वे में 1432 मतदान केंद्रों में सिर्फ 547 ही सामान्य हैं। 159 मतदान केंद्र अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि 281 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। वहीं प्रशासन ने 445 मतदान केंद्र संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें दर्जनों ऐसे मतदान केंद्र हैं, जहां पिछले पंचायत चुनाव में दो वर्गों के बीच बवाल हुआ है या फिर वर्चस्व को लेकर टकराव की स्थिति पैदा हुई है। प्रशासन के सर्वे और पिछले चुनावों के अध्ययन के बाद जो स्थिति सामने आई है, उससे इस बार का पंचायत चुनाव प्रशासन के लिए न सिर्फ चुनौतियों भरा होगा, बल्कि अराजकतत्वों पर नजर रखने के लिए बेहद सतर्कता बरतनी पड़ेगी, क्योंकि अन्य चुनावों की अपेक्षा पंचायत चुनाव में ग्राम सभा स्तर पर गोलबंदी चरम पर होती है।
चारों चरणों के चुनाव के लिए प्रेक्षक नियुक्त
लखीमपुर खीरी। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के चारों चरणों के लिए जिले में प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव अनिल कुमार को जिले का प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। वह छह अक्तूबर को यहां पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। बता दें कि जिले में पहले चरण का नौ अक्तूबर, द्वितीय चरण का 13 अक्तूबर, तीसरे चरण का 17 अक्तूबर और चौथे चरण का 29 अक्तूबर को मतदान होगा। प्रेक्षक ग्रामीण क्षेत्रों के निर्वाचन क्षेत्रों में भ्रमण कर मतदान केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण कर कमियों को पूरा कराएंगे।
बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की नहीं लगेगी ड्यूटी
अपर निर्वाचन आयुक्त जय प्रकाश सिंह ने जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में निर्देश दिया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों/ कर्मचारियों और उनके वाहनों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाए।
समाधान दिवस और तहसील दिवस पर रोक
अपर निर्वाचन आयुक्त ने प्रदेश में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव को देखते हुए थानों पर आयोजित होने वाले समाधान दिवसों और तहसीलों पर आयोजित होने वाले तहसील दिवसों पर रोक लगा दी है। निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक यह रोक जारी रहेगी।