लखीमपुर खीरी। बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच लोग तेजी से बैट्री चालित वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। ई-स्कूटी, ई-रिक्शा और ई-कार की मांग बढ़ने के साथ साइकिल कारोबार में भी तेजी आई है। छात्र, नौकरीपेशा लोग, महिलाएं और छोटे कारोबारी कम खर्च वाले विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शहर के ई-स्कूटी शोरूम संचालकों का कहना है कि पहले जहां महीने में एक-दो ई-स्कूटी बिकती थीं, वहीं अब हर सप्ताह 10 से 12 वाहन बिक रहे हैं। ग्राहकों के अनुसार, घर में चार्जिंग करने से पेट्रोल की तुलना में काफी कम खर्च आता है।
कॉलेज और कोचिंग आने-जाने वाले विद्यार्थी इसे सुविधाजनक और किफायती मान रहे हैं। डिलीवरी बॉय और छोटे कारोबारी भी बैट्री वाहनों को फायदे का सौदा बता रहे हैं। कई ग्राहकों का कहना है कि पहले हर सप्ताह करीब 800 रुपये पेट्रोल पर खर्च होते थे, जबकि अब चार्जिंग में काफी कम खर्च आता है।
पेट्रोल महंगा होने के बाद छोटी दूरी के लिए साइकिल का इस्तेमाल भी बढ़ा है। शहर की साइकिल दुकानों पर बच्चों और युवाओं की भीड़ देखने को मिल रही है।
ई-रिक्शा चालक, दूध सप्लायर और छोटे व्यापारी बैट्री वाहनों को कम खर्च वाला विकल्प मान रहे हैं। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च काफी घटा है। लोगों के मुताबिक पेट्रोल स्कूटर पर जहां 100 से 200 रुपये प्रतिदिन खर्च होते हैं, वहीं ई-स्कूटर पर यह खर्च 20 से 40 रुपये तक रह जाता है।
शहर में सिर्फ तीन चार्जिंग स्टेशन
शहर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की सुविधा सीमित है। वर्तमान में तीन स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन हैं। एक टाटा मोटर्स, दूसरा महिंद्रा वर्कशॉप और तीसरा छाउछ चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर है। पेट्रोल पंप पर चार्जिंग शुल्क 16 रुपये प्रति यूनिट, जबकि अन्य दोनों स्टेशनों पर 21 रुपये प्रति यूनिट है।
कॉलेज और कोचिंग आने-जाने में पहले बाइक का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब खर्च ज्यादा होने लगा है। साइकिल और ई-स्कूटी से पैसे की बचत होती है और पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।
-प्रांजल, छात्र
रोज ऑफिस आने-जाने में काफी खर्च हो रहा था। इसलिए अब मैंने ई-स्कूटी लेना बेहतर समझा। इससे खर्च कम हो रहा है और चलाने में भी सुविधा है।
श्रृष्टि पांडे, कामकाजी युवती
ई स्कूटी खरीदते लोग। संवाद
ई स्कूटी खरीदते लोग। संवाद