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गठबंधन के पास नेता-नीयत और नीति नहीं... सिर्फ परिवारवाद : अमित शाह

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भाजपा नेता अमित शाह की जनसभा में उमड़ी भीड़। संवाद - फोटो : Samvad
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लखीमपुर खीरी। जीआईसी मैदान की जनसभा में केंद्रीय गृहमंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि इनके पास तो प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी ही नहीं है। इनके पास न नेता है, न नीयत है और न नीति है। सिर्फ परिवारवाद है। गृहमंत्री ने कांग्रेस और सपा नेताओं का राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल न होने का भी जिक्र किया।
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गृहमंत्री ने कहा कि राहुल बाबा कहते हैं एक झटके में गरीबी मिटा देंगे। अरे, अपना ट्रैक रिकार्ड देखो। आपकी दादी ने एक झटके में आपातकाल लगा दिया। पिताजी ने एक झटके में तीन तलाक इंट्रोड्यूज किया। आपकी पार्टी ने एक झटके में पिछड़े वर्ग का आरक्षण छीनने का काम किया।
उन्होंने कहा कि तीसरे चरण का चुनाव हो गया है। मोदी 190 सीटें पार कर गए हैं। चौथे चरण में और मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। सपा, कांग्रेस और बसपा का सूपड़ा साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का चुनाव है। तीन करोड़ गरीब बहनों को लखपति बनाने का चुनाव है। चार लाख गरीबों को घर देने का चुनाव है। लोगों को समृद्ध बनाने का चुनाव है।
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मुगालते में मत रहना, आप उनका वोट बैंक नहीं
केंद्रीय गृहमंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि बताओ राम मंदिर बनना चाहिए था या नहीं। कांग्रेस पार्टी 70 सालों से धोखा देती रही। मोदी जी को आपने दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाया। उन्होंने भूमि पूजन किया और राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हो गई। जब प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, ट्रस्ट वालों ने अखिलेश, राहुल बाबा, इनकी बहन प्रियंका, माताजी और खरगे सभी को निमंत्रण भेजा, लेकिन कोई नहीं गया। उन्होंने सवाल किया कि बताओ ये लोग प्राण-प्रतिष्ठा में क्यों नहीं गए। खुद ही जवाब देते हुए कहा कि ये लोग अपने वोट बैंक से डरकर नहीं गए। यह भी कहा कि आप इनका वोट बैंक नहीं हो, मुगालते में मत रहना।
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अंतिम नाम लेता हूं...हंसना मत
विपक्षी गठबंधन के प्रधानमंत्री के नाम पर चुटकी लेते हुए गृहमंत्री ने कहा कि खीरी वालो- बताओ शरद पवार प्रधानमंत्री बन सकते हैं। ममता दीदी बन सकती हैं क्या। उन्होंने स्टालिन और अखिलेश यादव का भी नाम लिया। बाद में कहा कि अंतिम नाम लेता हूं, हंसना मत। यह सुनते ही पांडाल में ठहाके गूंजने लगे। फिर सवाल किया... बताओ राहुल बाबा बन सकते हैं क्या।

कार्यक्रम की झलकियां

फोटो- 25, 27, 28
होर्डिंग्स और मंच में कहीं नहीं दिखीं सांसद रेखा

लखीमपुर खीरी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा में जनपद के सभी विधायकों को बुलाया गया। तमाम बड़े नेता भी मंच पर मौजूद थे लेकिन मंच पर भाजपा के बैनर सहित जनसभा समाप्त होने तक धौरहरा सांसद एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा अरुण वर्मा नहीं दिखीं। उनकी गैरमौजूदगी लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। उनके उपस्थित न होने पर लोग तरह तरह की बातें कर रहे थे। इतना ही नहीं, अमित शाह ने भी केवल खीरी प्रत्याशी का नाम मंच से लिया। संवाद

राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंघासन पर

जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री के आने से पहले माहौल गर्म करने के लिए...राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंघासन पर गीत बजा तो सैकड़ों की संख्या महिलाएं, युवा और अन्य थिरकने को मजबूर हो गए। इसके बाद अमित शाह मंच पर पहुंचे तो माहौल राममय हो गया। पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
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