लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा क्रॉस केस में मंगलवार को जिला जज शिवकुमार सिंह ने चारों आरोपियों को अभियोजन की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान और साक्ष्यों से अवगत कराया। अदालत के सवालों पर सभी ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने की बात कही। आरोपियों को अपनी सफाई में गवाही और साक्ष्य पेश करने का मौका देते हुए अदालत ने 31 अगस्त की तारीख तय की है।
तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में हुई हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार के अलावा दो भाजपा कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की मौत हुई थी। भाजपा कार्यकर्ताओं और ड्राइवर की मौत के मामले में सुमित जायसवाल की ओर से दर्ज कराए गए क्रॉस केस की सुनवाई अब अंतिम चरण में है।
अभियोजन के साक्ष्य पहले ही पूरे हो चुके थे। मंगलवार को जिला जज ने आरोपी गुरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह, गुरुप्रीत सिंह और विचित्र सिंह को अलग-अलग बुलाकर अभियोजन की ओर से पेश गवाहों के बयानों से अवगत कराया। अधिकतर सवालों पर आरोपियों ने गवाहों के बयानों को गलत बताया और खुद को निर्दोष बताया।
आरोपियों ने अदालत के समक्ष अपने बचाव में गवाही और साक्ष्य पेश करने की पेशकश की। इस पर अदालत ने उन्हें मौका देते हुए 31 अगस्त की तारीख नियत की है।
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चार गवाह पेश, तीन की गवाही पूरी
लखीमपुर खीरी। तीन अक्तूबर, 2021 को हुई तिकुनिया हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार की मौत के मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई मंगलवार को जिला जज शिवकुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से चार गवाह बयान दर्ज कराने के लिए पेश किए गए।
रेडियोलॉजिस्ट आशीष त्रिवेदी और सीओ के पेशकार रहे हरिकेश राय के बयान दर्ज हुए और दोनों से बचाव पक्ष की जिरह भी पूरी हो गई। इसके बाद तहरीर लेखक नवदीप सिंह एडवोकेट की मुख्य परीक्षा हुई और बचाव पक्ष ने उनसे भी जिरह पूरी कर ली।
चौथे गवाह जगदीश प्रसाद वर्मा की मुख्य परीक्षा अदालती समय समाप्त होने के कारण पूरी नहीं हो सकी। उनकी गवाही पूरी कराने के लिए अदालत ने दो सितंबर की तारीख तय की है।