फरधान। क्षेत्र की कैमहरा ग्राम पंचायत में राजेपुर गांव के पास बन रही पुलिस चौकी को लेखपाल ने जेसीबी से गिरवा दिया। एक जनवरी 2025 को लेखपाल की ओर से जगह चिन्हित कर देने के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य शुरू कराया था।
विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत कैमहरा के मजरा राजेपुर गांव के पास लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग पर पुलिस चौकी के लिए बिल्डिंग बन रही थी। एक साल में धीरे धीरे जन सहयोग से पुलिस चौकी का निर्माण कराया जा रहा था। पिलर सहित पुलिस चौकी की आधी दीवारों का निर्माण हो चुका था। करीब पंद्रह दिनों से चौकी निर्माण कार्य बंद पड़ा था। ग्रामीणों ने बताया एक जनवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे क्षेत्रीय लेखपाल शैलेंद्र सिंह ने जेसीबी ले जाकर पुलिस चौकी की चारों दीवारों को गिरवा दिया।
मौके पर अब केवल पिलर खड़े रह गए है। क्षेत्रीय लेखपाल शैलेंद्र सिंह ने बताया जब जगह दी गई थी। उस समय नक्शे के हिसाब से जगह चिन्हित की गई थी। रमेश कुमार नामक व्यक्ति ने लखनऊ कोर्ट में (पीआईएल) रिट दायर की थी। मामला कोर्ट में जाने के बाद फिर पैमाइश की तब वह जगह खलिहान की निकल आई। लेखपाल ने बताया दोनों नक्शे में चौदह मीटर का अंतर पाया गया, इसलिए चौकी का निर्माण रुकवाया गया था। उसे तुड़वा दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक दिलीप चौबे ने बताया लेखपाल ने पुलिस चौकी क्यों गिरवा दी है, उसकी अभी पूरी जानकारी नहीं है। पुलिस चौकी का निर्माण उनके समय का नहीं है इसलिए अभी कुछ कह नहीं सकते है।
13 दिसंबर 2025 को पैमाइश में नहीं थी खलिहान की जगह
पुलिस चौकी के निर्माण में लेखपाल की बार बार रिपोर्ट बदलने से लाखों का नुकसान हो गया है। लखनऊ कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद 13 दिसंबर 2025 को क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा याचिका कर्ता रमेश कुमार समेत अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में पैमाइश की गई। इसमें लेखपाल ने पुलिस को लिखित देकर बताया कि पैमाइश में गाटा संख्या 141/0.324 में किसी प्रकार का खलिहान नहीं पाया। रिपोर्ट देने के बाद एक जनवरी 2026 को लेखपाल ने चौकी को गिरवा दिया। यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।