वन धन योजना के तहत चल रहे प्रशिक्षण के समापन पर थारू उत्पादों के साथ वननिगम के अधिकारी
लखीमपुर खीरी। थारू गांव छेदियापूरब में प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत वन निगम के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण का शनिवार को समारोह पूर्वक समापन किया गया।
इसमें बनकटी, सूड़ा, सरियापारा समेत कई गांवों में निवास करने वाले ग्रामीणों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया। लखनऊ से आए आशीर्वाद वेलफेयर सोसाइटी के मास्टर ट्रेनर एवं उनकी चार सदस्य टीम ने बांस से बनने वाली सजावटी एवं उपयोगी वस्तुओं के अलावा अदरक से निर्मित खाद्य पदार्थों को बनाने का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान थारू महिलाओं ने आकर्षक टोकरी मोबाइल कवर बॉटल कवर पावदान पर्स बैग वाटर हैंगिंग समेत सजावटी और उपयोगी सामान के अलावा विभिन्न प्रकार के आभूषण आदि बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा और हाथों का हुनर दिखाया। प्रशिक्षण का संचालन पर्यटन प्रभारी ईको विशाल भारती ने किया।
प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री वन धन योजना के स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष वन देवी राणा और उपाध्यक्ष सीता राणा ने सरकार द्वारा संचालित इस योजना से आदिवासी आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का माध्यम बताते हुए योजना के बारे में विस्तार से बताया। उत्तर प्रदेश वन निगम के प्रभागीय प्रबंधक नारायण सिंह दुग्ताल ने बताया कि प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत गैर लकड़ी के वन उत्पादन का उपयोग करके जनजातियों के लिए आजीविका के साधन उत्पन्न करने की पहल है। लखीमपुर खीरी जिले में तीन वन धन विकास केंद्र चंदनचौकी, बेलपरसुआ एवं छेदियापूरब हैं। इनमें 45 स्वयं सहायता समूह में कुल 900 लाभार्थी शामिल है।