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धूमधाम से मना थारू महोत्सव

Sun, 12 Apr 2015 11:21 PM IST
पलियाकलां/चंदनचौकी
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आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र के कस्बा चंदनचौकी में रविवार को थारू महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसमें प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार मंत्री अरविंद सिंह गोप ने रोशनी और बेटियां योजना का शुभारंभ किया। महोत्सव में आदिवासियों को कई योजनाओं का लाभ भी दिया गया।
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कस्बे के परियोजना परिसर में मनाए जा रहे एक दिवसीय थारू महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार मंत्री अरविंद सिंह गोप ने फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने रोशनी और बेटियां योजना का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया थारू ही नहीं सभी वर्गों का कल्याण चाहते हैं। प्रदेश में इस समय विकास की गंगा बह रही है जो चुनाव पूर्व वादे किए गए थे वह पूरे हो रहे हैं। राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा ने कहा कि आदिवासियों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम को विधायक रामसरन, उत्कर्ष वर्मा, यशपाल चौधरी, धीरेंद्र मोहन, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, डीएम किंजल सिंह, सीडीओ नितीश कुमार आदि ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व स्कूल के छात्र छात्राओं समेत आदिवासी महिला-पुरुषाें ने सरस्वती वंदना, गायन, नृत्य भी प्रस्तुत किया। महोत्सव मे बाहर से आए कलाकारों ने फिल्मी गीतों से समा भी बांधा। इसमें आदिवासी थारूओं को तमाम योजनाओं का लाभ भी दिया गया। संचालन बीएसए डॉ. ओपी राय ने किया। 000
इनकी रही मौजूदगी
सपा किसान सभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रेहान खां, तृप्ती अवस्थी, विधानसभा अध्यक्ष एम फुरकान अंसारी, मोंटीपाल, लखवीर सिंह गोरे, एसडीएम नागेंद्र कुमार सिंह, एबीएसए भरत वर्मा, बीडीओ तेजवंत सिंह, सीओ रामासरे सिंह समेत तमाम अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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राज्यसभा सांसद ने बांटी ट्राई साइकिलें
महोत्सव में राज्यसभा सांसद रविप्रकाश वर्मा ने दस विकलांगों को ट्राइ साईकिल का वितरण किया। इसके साथ डीएम संग उन्होंने दस छात्राओं को भी साइकिल दीं। इसके बाद करीब 124 छात्राओं को साइकिलें बांटी गई। साथ ही दस गर्भवती महिलाओं को किट दी गई और दस को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ दिया गया।
महोत्सव में उभरे थारू संस्कृति के रंग
डीएम किंजल सिंह के प्रयासों से यहां हुए थारू महोत्सव से आदिवासियों में गजब का उत्साह रहा और उन्होंने इसमें अपनी संस्कृति के रंगों को खूब उभारा। आदिवासियों ने अपने पारंपरिक नृत्यों, गायन आदि को प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
इससे पहले कभी नहीं हुई इतनी सौगातों की बरसात
पलियाकलां। थारूओं ने अपनी जिंदगी में कभी इतनी सौगातों की बरसात एक साथ नहीं देखी थी। जिन योजनाओं के लिए वह सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते काटते थक जाते थे वह आज उनके दरवाजे पर बिना किसी परेशानी के मिल रहीं थीं।
चंदनचौकी के परियोजना परिसर में जो नजारा था उसे कोई भी आदिवासी भूलना नहीं चाहेगा। कभी वह जिन योजनाओं का लाभ सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटकर भी नहीं पाते थे वह रविवार को उनके दरवाजे पर मिल रहा था। अधिकारी एक एक से पूछ कर उनकी परेशानियों को पूछ रहे थे और जो जिस योजना का पात्र था उसे दिला रहे थे। यहां तक उन्हें फार्म आदि भी भर कर दिए जा रहे थे। हर योजना के पात्र के चेहरे पर खुशी की जो चमक दिखाई दे रही थी वह देखते ही बनती थी। हर स्टाल पर लाभ पाने के लिए लंबी कतार लगी थी लेकिन लंबी कतार की फिक्र और परेशानी आदिवासियों के माथे से गायब थी और उनके चेहरे खुशी से खिले हुए नजर आ रहे थे। आदिवासियों के चेहरे पर मुस्कार बिखेरने के लिए वह डीएम को सिर माथे बिठा रहे थे। इसी के चलते आदिवासियों ने डीएम का स्वागत सत्कार तो किया ही साथ ही उन्होंने उनकी तारीफ गीतों और गायन के जरिए  भी की।
...तो रोशनी से रोशन होंगे जिले भर के गांव
पलियाकलां/चंदनचौकी। चंदनचौकी के थारू महोत्सव में रविवार को आगाज पाने वाली रोशनी योजना से खीरी जिले की करीब 249 ग्राम पंचायतें जगमगाने वाली हैं। इस योजना के जरिए इन पंचायतों के करीब 514 मजरों में 1030 सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। डीएम किंजल सिंह ने योजना के बारे में बताया।
डीएम दिलाएंगी बेटियों को मुकाम
डीएम किंजल सिंह बेटियों को मुकाम दिलाने के लिए प्रति सप्ताह सात लड़कियों को बुलाएंगी। उन्होंने बताया कि यह लड़कियां उनके आवास पर आएंगी और उनके लिए यहां कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिसमें उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। स्वावलंबी बनाने के साथ साथ उनको शिक्षा के प्रति जागरूक कर शिक्षा शुरू कराई जाएगी।
आदिवासी ही नहीं सभी का कल्याण चाहती है सरकार
पलियाकलां/चंदनचौकी। ग्राम्य विकास विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अरविंद सिंह गोप ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि प्रदेश सरकार आदिवासी ही नहीं सभी का कल्याण चाहती है। कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार ने तमाम कल्याणकारी योजनाएं चला रखी हैं। जिसका लाभ प्रदेश के सभी वर्गों को मिल रहा है। उन्होंने कई योजनाओं पर प्रकाश भी डाला। वन विभाग और थारूओं के बीच तकरार को दूर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे दूर कराने के प्रयास चल रहे हैं।
आदिवासी महिलाओं के हस्तशिल्प को मिली पहचान
पलियाकलां/चंदनचौकी। थारू महोत्सव में आदिवासी महिलाओं की हस्तशिल्प कला को भी पहचान मिली। महिलाओं ने जायका, वनवासी सेवा संस्थान और स्वयं सहायता समूहों के जरिए स्टाल लगाए। जिसमें उनके हाथों बनी पर्स, बैग, दरी, चादरे, अगर बत्ती, मसाले आदि खूब सराहे गए।
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