चंदनचौकी। आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बजट में 758 एकलव्य स्कूल बनाने के लिए 38 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया गया है, जिस पर आदिवासी जनजाति थारू क्षेत्र के सौनहा स्थित स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों में ख़ुशी का माहौल है। सरकार के फैसले से थारू जनजाति के लोग काफी खुश हैं और उसकी तारीफ कर रहे हैं।
12वीं तक नि:शुल्क है पढ़ाई
चंदनचौकी निवासी रामदास चौधरी ने बताया कि उनका पुत्र दीपक कुमार एकलव्य आवासीय स्कूल में कक्षा 11 का छात्र है। थारू क्षेत्र होने के कारण 12वीं तक पढ़ाई में दिक्कत न आए इसलिए उसे स्कूल में दाखिल कराया था। यहां नि:शुल्क 12वीं की पढ़ाई से गरीबों को काफी राहत मिलती है और उनके बच्चों को भी पढ़ने का मौका मिलता है।
मजदूरी करके यह संभव नहीं था
थारू क्षेत्र के बुद्धापुरवा गांव निवासी किशना देवी चौधरी ने बताया कि उनकी पुत्री रूपाली एकलव्य स्कूल में पढ़ती है। यहां गरीब बच्चे भी पढ़ सकते हैं और उनको नि:शुल्क अंग्रेजी माध्यम से अच्छी शिक्षा दी जाती है। बताया कि हम मजदूरी करके अपने बच्चों को कहां पढ़ा पाते, लेकिन इस स्कूल में दाखिले के बाद बच्चे का बेहतर भविष्य दिखाई दे रहा है।
कैसे पढ़ाते बढ़िया अंग्रेजी स्कूल में
मंगलपुर गांव निवासी प्रताप राना ने बताया कि उनकी पुत्री सनम राना स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा है। वह मेहनती है व शुरूआत से ही उसे पढ़ाई में लगाव था। इतना ज्यादा रुपया नहीं है कि उसे बढ़िया अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ाएं, लेकिन सौनहा गांव के एकलव्य स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से नि:शुल्क पढ़ाई होती है।