लखीमपुर खीरी। लूटपाट और जानलेवा हमले के 12 साल पुराने मामले में एडीजे रामेंद्र कुमार ने तीन आरोपियों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 23-23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी ने बताया कि ग्राम कोटवा निवासी रामाधार अपनी पत्नी प्रेमवती को लेकर 19 अक्तूबर 2011 को बेहजम में प्राइवेट डॉक्टर को दिखाने गया था। लौटते वक्त दोपहर तीन बजे जैसे ही दंपती नटवीर बाबा वाले स्थान के पास पहुंचे, पीछे से दो मोटर साइकिल पर सवार चार लोग आए और घेर लिया। बदमाशों ने कनपटी पर तमंचा लगाते हुए प्रेमवती के कानों से सोने के कुंडल नोच लिए और रामाधार की जेब में रखे पांच सौ रुपये लूटकर सल्लिहाबाद की तरफ चले गए।
शोरगुल पर एकत्रित हुए राहगीरों ने सल्लिहाबाद के अपने परिचितों को पूरा वाकया बताते हुए सहयोग मांगा और घेराबंदी शुरू कर दी थी। बदमाशों ने ग्रामीणों को जान से मार डालने की नियत से कई राउंड फायरिंग भी की थी। उन्हीं के साथी बदमाश की बाह में गोली लगी थी। भीड़ ने बदमाशों को मौके पर पकड़ लिया था। उनके पास लूटे गए कान के कुंडल और पांच सौ रुपये की नकदी बरामद की थी। 12 साल तक चली अदालती सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे रामेंद्र कुमार ने गोला थाना क्षेत्र के इस्लामनगर निवासी अकील, हफीजपुर निवासी इशरत और राजेंद्रनगर निवासी जावेद को सजा सुनाई।