निघासन। उत्तर निघासन (बेलरायां) रेंज के कट्ठौहा गांव के पास बाघ हमले में एक युवक की मौत होने के बाद कट्ठौहा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर कट्ठौहा बीट में चार माह पहले 31 मई 2023 को एक बाघ का शव मिला था। इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि इस इलाके में एक या एक से अधिक बाघ सक्रिय हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में बाघों का डर बैठ गया है।
गुरुवार को रेंजर भूपेंद्र सिंह ने जंगल में कांबिंग की। उन्होंने लोगों को सतर्कता बरतने और जंगल की ओर जाने से मना किया है। उधर, बाघ हमले में मारे गए सुकई का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों जगदीश, सुरेंद्र आदि ने बताया कि धान की फसल तैयार है, धान काटने के लिए खेतों में जाने से डर लग रहा है।
मालूम हो कि दुधवा टाइगर रिजर्व के उत्तर निघासन रेंज अंतर्गत कट्ठौहा गांव में बुधवार को चारा लेने जंगल किनारे स्थित खेत गए कट्ठौहा गांव निवासी 38 वर्षीय युवक सुकई को बाघ ने हमला कर मार डाला। रेंजर ने बताया कि बाघ की लोकेशन पता लगाने के लिए वनकर्मियों की टीमें सघन कांबिंग कर रही हैं। यदि बाघ की लोकेशन जंगल के बाहर मिलती है, तो उसका पता लगाने के लिए कैमरे भी लगाए जाएंगे। घटना के बाद से निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।