लखीमपुर खीरी। जिले में वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (रजिस्ट्रीकृत यान सुविधा केंद्र) खोलने में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। आवेदक न मिलने में जिले में अब तक यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। जिले में करीब दस हजार कंडम वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। स्क्रैप सेंटर न खुलने से ये वाहन स्क्रैप नहीं हो पा रहे हैं।
जिलों में कबाड़ की दुकानों पर चोरी-छिपे काटे जा रहे वाहनाें को लेकर परिवहन विभाग सख्त है। परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह ने अगस्त में इस संबंध में सभी जिलों के एसपी और आरटीओ, एआरटीओ को पत्र भी जारी किया था। कहा था कि अनधिकृत रूप से वाहन स्क्रैप करने वाले कबाड़ियों पर रोक लगाई जाए। निष्प्रयोज्य वाहनों को प्रदेश में स्थापित स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप कराने को प्रोत्साहित किया जाए। लेकिन जिले में यह कवायद धड़ाम हो गई है।
अब तक इस संबंध में कोई सफलता नहीं मिली है। इसे अफसरों की लापरवाही कहें या विभागीय उदासीनता, एक भी आवेदन नहीं आया है। दूसरी ओर विभाग की जोर शोर से प्रचार-प्रसार करने का दावा कर रहा है। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि स्क्रैपिंग सेंटर के संबंध में प्रचार-प्रसार कराया गया। कई लोगों के साथ बैठक भी की गई। अभी कोई आवेदन नहीं मिला है। आवेदन आएं तो स्क्रैप सेंटर खोलने की प्रक्रिया पूरी हो।
मियाद पूरी कर चुके वाहनों को कराना होता है स्क्रैप
जिले में ऐसे वाहन जो निर्धारित अवधि पूरी कर चुके हैं अथवा जिनका पंजीकरण निरस्त किया जा चुका है। उनको स्क्रैप करना अनिवार्य है। इसके लिए वाहन स्क्रैपिंग में कई निर्देशों के पालन के साथ ही वाहनों की चेसिस नंबर व कई अन्य दस्तावेजों के रिकॉर्ड भी रखने हैंं। लेकिन स्क्रैपिंंग सेंटर खोलने के संबंध में परिवहन विभाग को एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुए।