लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पतालों में साथिया केंद्र की स्थापना की गई है, ताकि भटके हुए किशोर-किशोरियों को सही रास्ता दिखाया जा सके। लेकिन जिला अस्पताल के साथिया केंद्र का स्टाफ अधिकांश समय नदारद रहता है। ऐसे में केंद्र अपने उद्देश्य से भटक रहा है।
किशोर-किशोरियों की उलझनों को सुलझाने के लिए एक सच्चे साथी की जरूरत होती है, लेकिन डर की वजह से वह किसी से चर्चा करने से कतराते हैं। ऐसे में वह ऐसी आदतों के शिकार हो जाते हैं, जो उनके जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। ऐसे भटके हुए किशोर-किशोरियों को सही रास्ता दिखाने के लिए जिला अस्पताल में साथिया केंद्र है। बुधवार दोपहर को 11:04 बजे केंद्र पर कोई भी स्टाफ नहीं मिला। बताते हैं कि अधिकांश समय स्टाफ गायब रहता है।
फिजियोथेरेपिस्ट नदारद, परेशान हुए मरीज
जिला अस्पताल के प्रथम तल पर कई डॉक्टरों की ओपीडी होती है। नेत्र, स्किन, ईएनटी आदि डॉक्टर तो मिले, लेकिन फिजियोथेपिस्ट नदारद मिले। ऐसे में आने वाले मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा। हालांकि स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर अस्पताल आकर किसी काम से चले गए हैं, आते ही होंगे।