जिले में चलाए जा रहे राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत टीमों द्वारा गांवों में जांच करते हुए फोटो देना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि इसमें फर्जी रिपोर्टिंग को रोका जा सके।
कुपोषण के खिलाफ प्रशासन गांवों में गंभीरतापूर्वक अभियान चलाकर जांच करा रहा है। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और संबधित क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों को संयुक्त रूप से गांवों में जाकर कुपोषण की जांच करना है। पिछले दिनों राज्य पोषण मिशन की बैठक में यह पाया गया था कि जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए, उसके विपरीत हकीकत कुछ और है। जिस पर डीएम किंजल सिंह ने भी अधिकारियों को फटकार लगाई थी। वहीं मुख्य विकास अधिकारी नितीश कुमार ने अधिकारियों को मानवता के आधार पर कुपोषण के खिलाफ अभियान चलाने की नसीहत दी थी। अब इस अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए गांवों में जांच की फोटो उपलब्ध कराना जरूरी कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश दुबे ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से फोटो उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।