शासन कर रहा शिक्षकों को राहत देने का दावा
सैकड़ों अर्जियों के बावजूद सिर्फ 19 के तबादले
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों ने कई महीने पहले जनपद में ही एक ब्लाक से दूसरे ब्लाक में तबादले के लिए आवेदन किए थे, लेकिन कमेटी ने अब तक सिर्फ 19 शिक्षकों के ही तबादले किए हैं। जबकि शासनादेश जारी होने पर तबादले के लिए 15 ब्लाक क्षेत्रों से करीब तीन हजार शिक्षकों ने आवेदन किया था। सामूहिक तौर पर तबादले न किए जाने पर शिक्षक संगठनों में रोष है।
इस बार शिक्षकों के तबादले के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है, जिसमें सीडीओ उपाध्यक्ष और बीएसए सदस्य सचिव हैं। इससे पहले एडी बेसिक की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। शासन ने सितंबर माह में आदेश जारी कर 10 अक्तूबर तक आवेदन करने का समय दिया था, जिस दौरान 15 ब्लाक क्षेत्रों में करीब तीन हजार शिक्षकों ने तबादले के लिए आवेदन किए थे। मसलन बिजुआ, मितौली ब्लाकों से दो-दो सौ से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किए। इसी तरह अन्य ब्लाकों से भी सैकड़ों आवेदन जमा हुए थे। डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी को इन आवेदनों पर विचार कर निर्णय लेना था, लेकिन अब तक दो बार में पहले 18 फिर एक शिक्षक का तबादला किया गया है। सार्वजनिक तौर पर सूची का प्रकाशन नहीं कराया गया है। जबकि अन्य आवेदनकर्ताओं में उहापोह की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि अधिकारी भी इस मसले पर कुछ भी बोलना नहीं चाहते हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री पृथ्वीपाल वर्मा ने गुपचुप तरीके से सिर्फ कुछ चिह्नित शिक्षकों के तबादला किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शिक्षकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाए जाने का आरोप लगाते हुए पारदर्शी तरीके से सभी पात्र शिक्षकों का तबादला करने की मांग की है।
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शासन ने फिर जारी किए आदेश
शिक्षकों को सहूलियत देने के लिहाज से बेसिक शिक्षा परिषद ने पिछले एक सप्ताह में दो बार आदेश जारी किए हैं, जिनमें आचार संहिता का हवाला देते हुए जल्द तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सभी ब्लाकों से आवेदन मिलने के बाद सूची कमेटी के पास भेज दी गई है। कमेटी ने जांच उपरांत 19 शिक्षकों के तबादले किए हैं, जिनके आदेश जारी कर दिए गए हैं। शेष आवेदनों पर कमेटी द्वारा निर्णय लिया जाना है।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए/सदस्य सचिव