लखीमपुर खीरी। रियल टाइम अटेंडेंस अभियान का विरोध थम नहीं रहा है। पहले शिक्षकों ने इंटरनेट व सिम खरीदने के लिए मद न होने की बात कही थी, अब निजी आईडी देने का विरोध कर रहे हैं। विरोध के चलते तीसरे दिन भी एकाध स्कूलों को छोड़कर किसी भी विद्यालय में अटेंडेंस नहीं लगाई गई। वहीं, शासन ने बीएसए से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
पहले चरण में जिले के 3106 परिषदीय स्कूलों में तैनात अध्यापकों और बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस लगनी थी। शिक्षकों के बढ़ रहे विरोध को देखते हुए पहले दिन एकाध स्कूलाें को छोड़कर अन्य सभी स्कूलों के अध्यापकों ने इस अभियान का विरोध किया। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस कार्य को लेकर शिक्षकों को समझाने और वार्ता करने की बात कह रहे हैं।
सोमवार से लेकर बृहस्पतिवार तक एक प्रतिशत भी उपस्थित नहीं लगाई जा सकी। बता दें कि हाजिरी के अलावा उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण पंजिका, स्टॉक पंजिका, आय-व्यय व चेक इश्यू पंजिका, बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका के अलावा पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका को भी डिजिटल करना था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस कार्य में बरती गई लापरवाही के चलते शासन ने बीएसए से स्पष्टीकरण तलब किया है।
आज जमा होंगे रजिस्टर
सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन करीब 5500 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने-अपने ब्लाक में रजिस्टर में साइन किए थे। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश स्तर से इसको लेकर तीन दिनों तक अध्यापकों की आम राय मांगी गई थी। शुक्रवार की सुबह सभी रजिस्टरों को लखनऊ भेजा जाएगा, इसके बाद ही कोई आदेश जारी होगा।
रजिस्टरों को डिजिटल कर रहे शिक्षक
भले ही शिक्षक लगातार रियल टाइम अटेंडेंस लगाने का विरोध कर रहे हों, लेकिन विद्यालय के जिन 12 रजिस्टरों को ऑनलाइन करना है, इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि अभी तक करीब सात हजार शिक्षकों ने पोर्टल पर लॉग इन करते हुए रजिस्टरों का डाटा अपलोड भी करना शुरू कर दिया है। मौजूदा समय में जिले में अध्यापकों की संख्या 8892, शिक्षामित्र 3228 व 875 अनुदेशकों की तैनाती है।