लखीमपुर खीरी। डिजिटल अटेंडेंस को लेकर जिले के शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षक काली पट्टी बांधकर, ज्ञापन सौंपते हुए अपना विरोध जता रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती है, उपस्थित दर्ज नहीं कराई जाएगी। विरोध जारी रहेगा। मंगलवार को शासन की ओर से अग्रिम आदेश तक शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस वाले आदेश पर रोक लगा दी गई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के आदेश का पालन किया जाएगा।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति के अव्यवहारिक आदेश को लागू करने के लिए शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई का भय दिखाकर उपस्थिति देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। शिक्षकों के पास भौतिक सुविधाओं का अभाव है। मांगों में ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति के आदेश को निरस्त करने, सभी परिषदीय शिक्षकों को प्रति वर्ष 30 अर्जित अवकाश, 15 हॉफ डे सीएल, अवकाश अवधि में विभागीय, सरकारी कार्य को बुलाने पर प्रतिकार अवकाश देने की मांग उठाई।
सोमवार को प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षक-शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने आक्रोश जताते हुए ज्ञापन सौंपा था। शिक्षक पहले मांगों को मानने की बात पर अड़े थे। शिक्षक-शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कहा कि अब तक लिखित में कोई आदेश की प्रति नहीं मिली है।
सोशल मीडिया पर आदेश स्थगित होने की चर्चा है। प्रदेश नेतृत्व से जिस तरह का आदेश मिलेगा, आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी ने बताया कि आदेश स्थगित हुआ। मांगे नहीं मानी गई हैं। प्रदेश स्तर से जो भी आदेश मिलेगा, संगठन उसका पालन करेगा।