प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती 2011 के 155 शिक्षकों के चयन को लेकर डॉयट प्राचार्य डॉ मीरा त्रिपाठी और बीएसए डॉ ओपी राय के बीच चली आ रही रार खत्म हो गई है। अमर उजाला ने भटक रहे अभ्यर्थियों के दर्द को महसूस करते हुए खबरें प्रकाशित करनी शुरू कीं तो डीएम किंजल सिंह ने मामला संज्ञान में लिया, जिसके बाद डॉयट प्राचार्य बैकफुट पर आ गईं और शनिवार को चयन समिति की बैठक बुला ली। समिति के एक सदस्य के जिले से ट्रांसफर हो जाने और दूसरे के न आने से बैठक तो नहीं हो पाई, लेकिन डॉयट प्राचार्य और बीएसए की मीटिंग जरूर हो गई। अनियमितता के आरोपों पर आमने-सामने चर्चा हुई तो डॉयट प्राचार्य ने बीएसए की सभी बातें मान लीं। इससे जहां 155 शिक्षकों के चयन का रास्ता साफ हो गया है, वहीं भटक रहे अभ्यर्थियों में बनीं असमंजस की स्थिति भी जल्द खत्म होने के आसार बन गए हैं।
डॉयट में 155 शिक्षकों के चयन के मामले में बीएसए डॉ राय द्वारा अनियमितता का आरोप लगाने के बाद अमर उजाला ने 20 दिसंबर को पेज चार पर डॉयट प्राचार्य की मनमानी से लटका 155 शिक्षकों का चयन शीर्षक से मुद्दा शुरू किया था। बीएसए के आपत्ति उठाने से शिक्षा निदेशक और डीएम समेत उच्चाधिकारियों तक यह मामला तो पहुंच गया, लेकिन शिक्षकों के चयन लटकने से तीन हजार से अधिक अभ्यर्थी असमंजस की स्थिति में रहे। इतना ही नहीं डॉयट की गलती के कारण स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित समेत दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थी हाईकोर्ट की शरण में चले गए। सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित होने से डीएम ने भी मामले को गंभीरता से लिया।
नतीजतन डॉयट प्राचार्य ने 23 दिसंबर को ही एजेंडा जारी कर 26 दिसंबर को शिक्षक चयन समिति की डॉयट में बैठक बुला ली। चूंकि चयन समिति में डीएम द्वारा नामित सदस्य/परियोजना निदेशक (नेडा) विवेक वर्मा का तबादला दूसरे जिले में हो चुका है और दूसरी सदस्य/प्रधानाचार्य जीजीआईसी शालिनी दुबे बैठक में आईं नहीं। इस तरह दो सदस्यों के न आने से बैठक में सिर्फ डॉयट प्राचार्य और बीएसए ही पहुंचे। बैठक के बाद बीएसए ने बताया कि डॉयट प्राचार्य ने सभी अनियमितताओं को दूर करने पर सहमति दे दी है।
सबसे पहले तबादला हुए सदस्य की जगह दूसरे अधिकारी को नामित करने के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद चयन समिति की बैठक में 25 गुनी 10वीं कट ऑफ सूची निर्धारित की जाएगी, जिसका डीएम से अनुमोदन कराने के बाद काउंसिलिंग की तिथि निर्धारित करते हुए बहुप्रसारित दो अखबारों में प्रकाशन कराया जाएगा। साथ ही हाईकोर्ट द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित अजीत कुमार उपाध्याय को आरक्षण का लाभ देने और अभ्यर्थी रामकुमारी के मामले में विचार करने पर सहमति भी बन गई। कुल मिलाकर इस सहमति से जहां तीन हजार से अधिक अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति खत्म हो जाएगी, वहीं हजारों अभ्यर्थियों को एक और मौका मिल जाएगा। साथ ही कोर्ट गए अभ्यर्थियों को भी लाभ मिलेगा।
प्राचार्य-डॉयट डॉ मीरा त्रिपाठी ने बताया कि बीएसए के साथ सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई है। चयन समिति के एक सदस्य के दूसरे जनपद में चले जाने के कारण नए सदस्य का डीएम से अनुमोदन कराकर जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद बचे हुए अभ्यर्थियों की शिकायत दूर करने के लिए 10वीं कट ऑफ सूची जारी करने पर विचार होगा। पूर्व में हो चुकी काउंसिलिंग को भी शामिल कर लिया जाएगा।