माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में 32 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उच्चीकृत किया गया। इन विद्यालयों को अभी तक आयोग से शिक्षक ही नहीं मिले। हालात यह है कि सिर्फ एक ही विद्यालय में प्रधानाचार्य की नियुक्ति है। अधिकांश विद्यालय एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में वर्ष 2009-10 में दस, वर्ष 2011-12 में दस तथा वर्ष 2011-12 में 12 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उच्चीकृत किया गया। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाचार्य, सात सहायक, एक लिपिक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद सृजित किए गए। विद्यालय उच्चीकृत होने के साथ ही इन विद्यालयों में राजकीय इंटर कॉलेजों के एक-एक प्रवक्ताओं को कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में तैनात कर दिया गया लेकिन लिपिकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई। इस बीच आयोग से 25 शिक्षक जिले में भेजे गए इससे कुछ विद्यालयों में एक या दो सहायक अध्यापकों की तैनाती की गई। अभी तक तेरह विद्यालय ऐसे हैं जो केवल एक सहायक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। इसके अलावा अभी तक सभी विद्यालयों में लिपिकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद रिक्त हैं।
नियुक्तियां जल्दी होंगी
डीआईओएस अशोक कुमार ने बताया कि सभी उच्चीकृत विद्यालयों में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। शिक्षकों की कमी से दिक्कत होती है। किसी तरह पीटीए के माध्यम से व्यवस्था चलाई जा रही है। इस संबंध में कई बार निदेशालय को बताया गया है। इधर फिर रिक्तियां निकाली गई हैं। उम्मीद है नई भर्तियां होने पर शिक्षक मिल जाएंगे।