परिवहन निगम ने उन रूटों का सर्वे कराया है, जहां रोडवेज व प्राइवेट बस संचालित नहीं होती। यात्रियों को सफर में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। रूट का सर्वे होने से यहां के लोगों की उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही उन्हें रोडवेज सेवा की सुविधा मिलेगी।
परिवहन सेवाओं से अछूते लखीमपुर खीरी जिले के 10 ब्लॉकों के 246 गांवों के ग्रामीणों को जल्द ही रोडवेज बस की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इन गांवों की दो लाख से अधिक आबादी को लाभान्वित करने के लिए लखीमपुर डिपो ने 13 ग्रामीण रूटों का सर्वे किया है। 254 किलोमीटर के 13 रूटों के इस सर्वे का प्रस्ताव भेजा गया है।
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परिवहन निगम ने उन रूटों का सर्वे कराया है, जहां रोडवेज व प्राइवेट बस संचालित नहीं होती। यात्रियों को सफर में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। प्रमुख स्थानों की दूरी डग्गामार वाहनों के भरोसे तय करते हैं। मुख्यालय के निर्देश पर एआरएम लखीमपुर मुकेश मेहरोत्रा, केंद्र प्रभारी नफासत अली व प्रदीप श्रीवास्तव ने 10 ब्लॉकों के 13 रूटों का सर्वे किया है।
सर्वे में सड़क से एक किलोमीटर की दायरे में कितने गांव और इन गांवों की आबादी कितनी है, इसका विवरण जुटाया गया। सड़क की स्थिति कैसी है और कौन सी बस चलाई जाए, इस पर सुझाव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर बसें इन रूटों पर एक ओर से 254 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
इन रूट का हुआ सर्वे
लखीमपुर डिपो की टीम ने 10 ब्लॉकों लखीमपुर, बेहजम, नकहा, बिजुआ, ईसानगर, धौरहरा, रमियाबेहड़, निघासन, मितौली व फूलबेहड़ के 13 रूटों पर सर्वे किया है। लखीमपुर से रामापुर होकर शाहपुर, लखीमपुर से अलीगंज, लखीमपुर से फूलबेहड़, फरधान से भदूरा-गुलौला मार्ग, शारदानगर से जटपुरवा, करनपुर से सलिहाबाद होकर ओयल, पतरासी से बड़ागांव, पतरासी से फूलबेहड़, ढखेरवा से पढुवा होकर ठकुरीपुरवा, रमियाबेहड़ से रानीपुर, ढखेरवा से धौरहरा, सिसैया से दुर्गापुर व नकहा से सकेथू रूट का सर्वे किया गया है।
किस ग्रामीण रूट पर है कितने गांव
- सिसैया से दुर्गापुर रूट पर 44 गांव हैं। इस रूट की दूरी 31 किलोमीटर है।
- करनपुर से सलिहाबाद होकर ओयल आने वाले मार्ग पर 35 गांव हैं।
- लखीमपुर से अलीगंज के रूट पर 33 गांव स्थित हैं।
- फरधान से गुलौला और शारदानगर से जटपुरवा रूट पर 16-16 गांव स्थित हैं।
- पतरासी से फूलबेहड़ रूट पर आठ और नकहा से सकेथू रूट पर पांच गांव हैं।