ओयल। गलत खान-पान व खराब दिनचर्या की वजह से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। अनियमित दिनचर्या की वजह से अधिकांश लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं। बढ़ते मोटापे से हार्निया का खतरा भी बढ़ रहा है। इस बीमारी का शल्य चिकित्सा ही मात्र एक उपाय है। जिला अस्पताल में इन दिनों सामान्य खांसी, जुकाम, बुखार सहित हार्निया के मरीज पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को ओपीडी में 797 नए तथा करीब इतने ही पुराने मरीज दवा लेने पहुंचे। हार्निया के बारे में जानकारी देते हुए जिला अस्पताल के सीएमएस व शल्य चिकित्सक डॉ. राजकुमार कोली ने बताया कि जब किसी मांसपेशी या ऊतक में छेद होकर अंदर का अंग बाहर आने लगता है। त्वचा पर उभार या सूजन दिखाई देने लगी है तो इसे हार्निया कहते हैं। वैसे तो हर्निया का एक मात्र इलाज सर्जरी है। यह एक आम शल्य चिकित्सा संबंधी समस्या है। हार्निया अक्सर पेट में होता है, लेकिन यह ऊपरी जांघ, नाभि और कमर में भी हो सकता है।
हर्निया के कारण दर्द, असुविधा या कार्य क्षमता की हानि हो सकती है। उन्होंने बताया हार्निया कई प्रकार का होता है, जैसे नाभि हार्निया, वेक्षण हार्निया, इंसिजनल हार्निया आदि।
हर्निया के लक्षण
पेट में दबाव के कारण या मांसपेशियों के कमजोर होने की वजह से होता है।
सबसे आम क्षेत्र पेट, कमर, और नाभि होते हैं। इसके इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत होती है।
हर्निया होने के कारण
मोटापा, खराब आहार,धूम्रपान,गर्भावस्था,पुरानी खांसी या कब्ज,पेशाब करने में कठिनाई और मांसपेशियों की कमजोरी से हार्निया हो सकती है।