लखीमपुर खीरी। गन्ना पर्यवेक्षक से मारपीट के मामले में दो दिन बाद भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर पर्यवेक्षक भड़क गए। उन्होंने सोमवार से कार्य बहिष्कार का निर्णय किया है। चेतावनी दी है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती है तब तक वे काम नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश गन्ना पर्यवेक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरनाथ पांडेय और जिला मंत्री आकाश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से बताया कि गन्ना विकास परिषद गुलरिया में कार्यरत गन्ना पर्यवेक्षक अजीत कुमार पर दो मई को गन्ना समिति भीरा में मनहरिया के एक किसान के चाचा ने इंडेंट पहले भरने का दबाव बनाया।
अजीत ने क्रम से इंडेंट भरने के लिए कहा तो किसान भड़क गया और गन्ना पर्यवेक्षक को गालियां देते हुए मारपीट की। घटना के बाद पुलिस में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपी के हौसले बुलंद हैं, ऐसे में गन्ना विकास परिषद गुलरिया से संबद्ध सभी गन्ना पर्यवेक्षक भयभीत हैं।
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यह काम होंगे प्रभावित
गन्ना पर्यवेक्षकों के कार्य बहिष्कार के चलते गन्ना सर्वे के अलावा खाद व बीज वितरण का कार्य प्रभावित होगा। जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जब तक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक वे लोग काम पर नहीं लौटेंगे।
गन्ना पर्यवेक्षकों का पत्र मिला है। काम प्रभावित न हो इसको लेकर समझाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही कार्रवाई के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
-वेद प्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी