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कोल्हू पर कौड़ियों के भाव खरीदा जा रहा गन्ना

Wed, 18 Nov 2015 10:08 PM IST
लखीमपुर खीरी
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घर की जरूरतें पूरा करने की मजबूरी में आर्थिक संकट से जूझ रहे गन्ना किसानों का कोल्हू और क्रेशर मालिक शोषण करने में मशगूल हैं, जिन पर शासन-प्रशासन का कोई अंकुश भी नहीं है। चीनी मिलों के चलने में हो रही देरी भी किसानों की समस्या बढ़ा रही है। किसान अपनी गन्ने की फसल आधे रेट पर बेचने को मजबूर हैं। कोल्हू-क्रेशरों पर 135 से 160 रुपये प्रति क्विंटल के मनमाने मूल्य पर गन्ने की खरीद की जा रही है। सरकार ने इस साल अभी रेट घोषित नहीं किया है, लेकिन पिछले वर्ष के मूल्य 280 रुपये से आधे मूल्य पर गन्ने की उपज बेचनी पड़ रही है।
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बिजुआ। पिछले पेराई सत्र 2014-15 में सामान्य गन्ने का मूल्य 280 रुपये और शीघ्र प्रजाति गन्ने का मूल्य 290 रुपये प्रति क्विंटल था।
मिलें चलने में देरी और पैसों की जरूरत ने किसानों को शोषण का शिकार बनने के लिए मजबूर कर दिया है। क्रेशर या कोल्हू पर पहुंचने वाले किसानों के गन्ने में खराबी बताकर बोर्ड पर लिखे मूल्य से भी कम दर पर गन्ना खरीदा जाता है। गुलरिया चीनी मिल क्षेत्र में करीब 45 कोल्हू और एक क्रेशर लगा हुआ है। इन पर प्रतिदिन 10 से 15 हजार क्विंटन गन्ने के सप्लाई की जा रही है।
किसान सुरेंद्र सिंह कहते हैं कि इस समय किसानों को अपने खेतों में गेहूं की बुवाई, स्कूल फीस सहित अन्य कार्यों के लिए पैसों की जरूरत है। घर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को अपना गन्ना आधे से भी कम रेट पर बेचना पड़ रहा है। किसान प्रतिपाल सिंह कहते हैं कि छोटे किसान दूसरी फसल जैसे लाही, मसूर आदि की बुवाई के लिए भी खेत खाली कर रहे हैं।
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संसारपुर।  नौवाखेड़ा क्रेशर पर बुधवार को 160 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदा गया। किसान बताते हैं कि जब भी क्रेशर पर गन्ना  अधिक आ जाता है, तो उस दिन क्रेशर मालिक गन्ने का रेट और कम कर देते हैं। रबी फसल की बुवाई के लिए धन की आवश्यकता और खेतों को खाली करने के लिए  किसान अपने गन्ने को बेचने पर मजबूर हैं।
क्रेशर पर किसानों पर दोहरी मार
क्रेशर पर गन्ना बेचने वाले किसानों पर गन्ना उतरवाने के नाम पर भी कटौती की जा रही है। क्रेशर पर गन्ना उतारने वाली क्रेन लगी है, जिसके खर्च के तौर पर किसानों से प्रति क्विंटल एक रुपये की कटौती की जा रही हैै।
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