लखीमपुर खीरी। पिछले साल का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के चलते गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बजाज ग्रुप की पलिया चीनी मिल के खिलाफ आरसी (वसूली प्रमाण पत्र) जारी कर दिया है। पलिया मिल पर पिछले वर्ष 2018-19 का कुल एक अरब 11 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये बकाया है, जिसमें किसानों का 71.28 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य और विलंबित अवधि का देय ब्याज 35.14 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा गन्ना खरीद पर अवशेष अंशदान के 4.04 करोड़ और विलंबित अवधि का ब्याज 71.40 लाख रुपये बकाया है।
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 (4) एवं 18 (3) के तहत बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड पलिया कलां के अध्यासी के नाम आरसी जारी की गई है। पलिया मिल से बकाया कुल धनराशि एक अरब 11 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये की वसूली की जानी है। गन्ना मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान के विलंबित भुगतान की अवधि के लिए कुल बकाया धनराशि पर 12 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज भी वसूल किया जाएगा। गन्ना आयुक्त ने डीएम से कहा है कि बकाया धनराशि की वसूली भू-राजस्व के बकाये की भांति की जाए। धनराशि की वसूली के लिए नियमानुसार संग्रह व्यय (कलेक्शन चार्ज) की वसूली भी पलिया चीनी मिल के अध्यासी से की जाएगी।
इस वर्ष भी नहीं किया एक पैसे का भुगतान
पलिया चीनी मिल पर आरसी की कार्रवाई ऐसे ही नहीं हुई, बल्कि इस वर्ष भी तीन अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। इस वर्ष 2019-20 में चार माह के दौरान खरीदे गए गन्ना मूल्य का एक पैसा भुगतान नहीं किया है। चीनी मिल पर चालू वर्ष में भी तीन अरब नौ करोड़ 43 लाख 13 हजार रुपये बकाया हो चुका है, लेकिन एक दिन का भी भुगतान नहीं किया गया। लिहाजा किसानों के साथ-साथ अफसरों की धड़कने तेज हो गई हैं।
ऐरा मिल पर भी पिछले साल का 74 लाख बकाया
पलिया की भांति एडवंट्ज ग्रुप की ऐरा मिल पर पिछले पेराई सत्र का 74.23 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा विलंबित अवधि का ब्याज 21.47 करोड़ रुपये बकाया है। खास बात यह है कि इस मिल ने भी इस वर्ष चार माह में एक दिन भी गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को नहीं दिया है, जिससे इस मिल पर इस वर्ष का भी दो अरब 40 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है।
कई बार नोटिस के माध्यम से चेतावनी दिए जाने के बाद भी पलिया मिल के अध्यासी ने पिछले वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। भुगतान न मिलने से किसानों को हो रही दिक्कत को देखते हुए आरसी की कार्रवाई की गई है, जिससे किसानों को जल्द भुगतान दिलाया जा सके।
- संजय आर भूसरेड्डी, गन्ना आयुक्त
मिल की चीनी को पहले ही कस्टडी में लिया जा चुका था। अब वसूली की लीगल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। किसानों को भुगतान/वसूली के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम