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हाईकोर्ट के आदेश के बाद चीनी मिल प्रबंधन सकते में

Thu, 30 Jul 2015 07:09 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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27 मई 2015 को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की याचिका पर हाईकोर्ट ने तीन किस्तों 15 जून, 30 जून और 15 जुलाई तक 75 फीसदी गन्ना मूल्य भुगतान के आदेश चीनी मिलों को दिया था। चीनी मिलों ने इस आदेश का अनुपालन नहीं किया, जिससे किसानों का भुगतान नहीं हो सका। मंगलवार से बुधवार तक हाईकोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो सप्ताह में संपूर्ण गन्ना मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके बाद भुगतान न करने वाले जिम्मेदार मिल मालिकों को सीधे जेल भेजने की चेतावनी दी है। हाईकोर्ट ने गन्ना सचिव और गन्ना आयुक्त के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैैं। जिले की नौ चीनी मिलों में से बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा के अलावा ऐरा मिल पर एक-एक अरब से कहीं अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। लिहाजा शासन और प्रशासन को सबसे ज्यादा इन्हीं चार मिलों पर भुगतान के लिए दबाव बनाना होगा। जबकि कुंभी, गुलरिया, अजबापुर के अलावा सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिलों पर करीब 50-50 करोड़ से अधिक बकाया हैै।
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पहले दिन दो मिलों ने किया आंशिक भुगतान
हाईकोर्ट के आदेेश के बाद जिले की दो चीनी मिलों गोला और खंभारखेड़ा ने आंशिक भुगतान किया है, जिसमें गोला ने एक करोड़ 68 लाख 40 हजार और खंभारखेड़ा ने एक करोड़ 51 लाख 21 हजार भुगतान किया है।

किन मिलों पर कितना बकाया
बजाज ग्रुप की गोला मिल पर एक अरब 60 करोड़ 32 लाख 92 हजार रुपये, पलिया पर एक अरब 66 करोड़ 22 लाख 90 हजार, खंभारखेड़ा पर एक अरब 21 करोड़ 23 लाख 87 हजार, ऐरा पर एक अरब 14 करोड़ 16 लाख 87 हजार, अजबापुर पर 49 करोड़ 72 लाख 23 हजार, कुंभी पर 89 करोड़ 85 लाख 57 हजार, गुलरिया पर 69 करोड़ 42 लाख 75 हजार, बेलरायां पर 59 करोड़ 52 लाख 42 हजार और संपूर्णानगर पर 52 करोड़ 31 लाख 14 हजार रुपये बकाया है।
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समाचार पत्र के माध्यम से हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिली है, लेकिन विभाग की ओर से अभी आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश प्राप्त होते ही अनुपालन कराया जाएगा।
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-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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