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गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों का हो रहा शोषण

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बंद गन्ना सेंटर पर खड़ी गन्ना भरी ट्रॉली। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों का शोषण होने लगा है। बैलगाड़ी और ट्रॉली से गन्ना उतरवाई के नाम पर किसानों से 50 से 100 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसका विरोध करने पर किसानों को स्वयं गन्ना उतारने के लिए विवश होना पड़ रहा है। आरोप है कि मजदूरों को पैसा देने के लिए कांटा इंचार्ज की भी मूक सहमति रहती, जिससे किसानों की शिकायत को कांटा इंचार्ज नजर अंदाज कर देते हैं। अजबापुर चीनी मिल ने मंगलवार को क्रय केंद्रों पर साप्ताहिक बंदी कर दी है, जिससे किसानों की परेशानी दोहरी हो गई है। इस साप्ताहिक बंदी की जानकारी मिल प्रबंधन ने जिला गन्ना अधिकारी को भी नहीं दी है और न ही किसानों को पहले से सूचना दी जा रही है।
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जिले की नौ चीनी मिलों के खुले कई गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल कराने के लिए जाने वाले किसानों से उतरवाई के नाम पर वसूली किए जाने की शिकायतें जोर पकडने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक कई क्रय केंद्रों पर गन्ना उतरवाई के नाम पर बैलगाड़ी से 50 रुपयेे और ट्रॉली से 100 रुपये वसूले जा रहे हैं। विरोध करने वाले किसानों की बैलगाड़ी अथवा ट्रॉली को मजदूर हाथ तक नहीं लगाते हैं, जिससे मजबूरन किसान को पैसे देने पड़ते हैं। यह स्थित तब है जबकि गन्ने की उतरवाई-ढुलाई का खर्च किसानों के भुगतान से काटा जाता है। मिल कर्मचारियों और गन्ना समिति के कर्मचारियों का कहना है कि गन्ना उतरवाई के लिए क्रय केंद्रों को पैसा जारी किया जाता है।
मंगलवार को अजबापुर मिल का गन्ना क्रय केंद्र लिधियाई बंद मिला, जहां पर तौल कराने के लिए गन्ना भरी ट्रॉलियां खड़ी थीं। किसानों को साप्ताहिक बंदी की बावत मिल प्रबंधन या गन्ना समिति की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई थी। चौकीदार नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पिछले मंगलवार से साप्ताहिक बंदी शुरू हुई है। इधर, गन्ना क्रय केंद्र रहजनिया बंद मिला, यहां भी तौल के लिए ट्रॉलियां खड़ी मिली। गन्ना क्रय केंद्र बाईकुआं भी बंद मिला। किसान गन्ने की तौल कराने के लिए परेशान दिखे। इस साप्ताहिक बंदी की बावत जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश पटेल को भी जानकारी नहीं थी, तो उन्होंने मिल के अधिकारियों से बात की। तो मिल प्रबंधन ने साप्ताहिक बंदी को ट्रांसपोर्टर के हिसाब से निर्धारित किए जाने की बात कही है।
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तीन दिन से ट्रॉली तौल कराने के लिए लाइन में खड़ी है। कभी बंदी के नाम पर तो कभी नंबर न आने के कारण तौल नहीं हो पा रही है। गाडिय़ां भी कम आ रही हैं। गन्ना उतरवाई के 100 रुपये लिए जा रहे हैं।
-नवनीत, गन्ना किसान
केंद्र पर गन्ना तौलाने आए थे, लेकिन यहां आने पर पता चला कि तौल बंद है। साप्ताहिक बंदी की सूचना नहीं थी। बैलगाड़ी से गन्ना उतरवाई के 50 रुपये लिए जाते हैं।
-कोटेदार, गन्ना किसान
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सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर एक साथ साप्ताहिक बंदी नहीं होती है, बल्कि कुछ केंद्रों पर बंदी रहती है। इसके लिए मिल प्रबंधन की ओर से सूचना जारी की जाती है।
-अजीत प्रताप सिंह, सचिव, गन्ना समिति मैगलगंज
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गन्ना उतरवाई के नाम पर किसानों से वसूली नहीं की जा सकती है। यदि शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। गन्ना क्रय केंद्रों पर साप्ताहिक बंदी का नियम नहीं है। यदि अजबापुर मिल साप्ताहिक बंदी कर रहा है, तो इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल मामले की जांच कराएंगे।
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-ब्रजेश पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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