मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। कोतवाली क्षेत्र के गांव सुभाषनगर में गन्ना छिलाई करने गए 52 वर्षीय मजदूर ने फंदा लगाकर जान देदी। वह कई दिनों से अपने भाई के घर पर रह रहा था। आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। हालांकि परिवार वालों का कहना है कि पांच मई को पुत्री की शादी थी। लॉकडाउन होने से मजदूरी न मिलने से अवसाद में था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
गांव सुभाषनगर निवासी जमुना प्रसाद ने बताया कि बड़े भाई गंगाराम थाना हैदराबाद के गांव झाऊपुर में रहते थे। भाई ने अपने परिवार वालों से दूरी बना ली थी। कई दिनों से सुभाषनगर आकर साथ में रह रहे थे। 25 मार्च की शाम गंगाराम अपने भाई के साथ खाना खाकर सो गया। सुबह होने पर सिंघाड़ा सिंह के झाले पर गन्ना छीलने चला गया। गन्ना छिलाई करने के बाद वह घर वापस नहीं आया तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिवार वालों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार की सुबह तलाश के दौरान गंगाराम का शव लंदनपुर ग्रंट व सुभाष नगर के बॉर्डर पर अकोहर के वृक्ष से लटका मिला। बड़े भाई ने मौत होने की सूचना मृतक की पत्नी को दी। इससे घर में चीखपुकार मच गई। पत्नी माधुरी व परिवार के रोते-बिलखते अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। पत्नी माधुरी ने बताया कि वह भूमिहीन है। पांच बच्चे हैं। मजदूरी ही कमाई का जरिया थी। पांच मई को छोटी बेटी की शादी थी। लॉकडाउन होने की वजह से पति मजदूरी पर भी नहीं जा पा रहे थे। इससे अवसाद में रहते थे। रेहरिया चौकी इंचार्ज ने शव नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम को भेजा है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है।