15 से 18 किलोमीटर की अधिक दूरी होने के बाद भी बिजली लाइनों के सहारे बिजली सप्लाई पाने वाले कस्बों में उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है और इसे मंजूरी दिलाने के लिए सर्किल आफिस सीतापुर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन उपकेंद्रों के बनने से करीब 1000 से भी अधिक गांवों की बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।
बिजली विभाग द्वारा प्रस्तावित जगहों में फूलबेहड़, नकहा, बाबागंज और हरिहरपुर शामिल हैं। इनमें फूलबेहड़, हरिहरपुर की बिजली सप्लाई शहर के गढ़ी उपकेंद्र से जुड़ी है। वहीं नकहा कस्बे को बिजली सप्लाई रेवाही उपकेंद्र से मिलती है। बाबागंज को छाउछ उपकेंद्र से जोड़ा गया है। अधिकारियों का कहना है कि चारों जगहों की दूरी उपकेंद्रों से 15 किलोमीटर से भी ज्यादा है। जिसके कारण लोगों को बिजली समस्याओं के लिए काफी दूर तक चक्कर काटना पड़ता है। वहीं बिजली लाइनों के लंबी होने के कारण ब्रेकडाउन, ओवरलोडिंग आदि की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन दिक्कतों के बीच रेवाही उपकेंद्र से राजीव गांद्यी ग्रामीण विद्युुतीकरण योजना के तहत विद्युतीकृत किए गए 50 से अधिक गांवों को भी जोड़ दिया गया है। जिससे उपकेंद्र ओवरलोड होने लगा है। बिजली अधिकारियों के मुताबिक इन क्षेत्रों में 33/11केवीए क्षमता के उपकेंद्र में पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर रखा जाएगा। जिससे गांवों को बेहतर बिजली सप्लाई मिल सकेगी। इन चार उपकेंद्रों में फूलबेहड़ और हरिहरपुर में प्रस्तावित उपकेंद्रों के लिए जल्द ही ग्राम पंचायत से जमीन भी मिल जाएगी। जिसके बाद यहां जल्द ही उपकेंद्र बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस संबंध में एसडीओ आरबी सिंह ने बताया कि उपकेंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसे मंजूरी के लिए सर्किल आफिस भेजा जा रहा है। जमीन मिलने के बाद चयनित जगहों का सर्वे किया जाएगा। जिससे उपकेंद्र निर्माण की अनुमति मिल जाएगी।