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Lakhimpur Kheri News: मेजर ध्यानचंद की जयंती पर विद्यार्थियों ने खेली हॉकी

Sun, 30 Aug 2026 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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गोला में कृषक समाज इंटर कॉलेज के मैदान पर हॉकी खेलते खिलाड़ी। स्रोत: आयोजक
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गोला गोकर्णनाथ। कृषक समाज इंटर कॉलेज में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर विद्यार्थियों के बीच हॉकी मैच कराया गया। ए टीम ने मैच अपने नाम किया।
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शनिवार सुबह कॉलेज के खेल मैदान में मुख्य अतिथि प्रबंधक रविप्रकाश वर्मा ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद विद्यार्थियों की ए और बी टीम के बीच हॉकी मैच खेला गया। आठवें मिनट में ए टीम के कप्तान मुन्ना ने पहला गोल किया। बी टीम के खिलाड़ी तौसीन ने 17वें मिनट में गोल कर मैच बराबरी पर ला दिया।
दूसरे हाफ में ए टीम के खिलाड़ी और कप्तान मुन्ना ने मैच के आखिरी मिनट में गोल कर टीम को 2-1 से जीत दिलाई। मैच में अंपायरिंग वीरेंद्र भारद्वाज और पीटीआई सरोज कुमार वर्मा ने की।
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समापन पर विजेता खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि और प्रधानाचार्य अनंत प्रकाश सरोज ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। क्रीड़ा प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस 28 से 30 अगस्त तक देशव्यापी अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इसकी थीम ‘खेलेगा भारत जीतेगा भारत’ है।
इस मौके पर वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. अनिल कुमार, पीटीआई अरविंद कुमार राज, रामकिशोर, नारायणलाल वर्मा और विनोदचंद मिश्र आदि मौजूद रहे।
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खेलों से शारीरिक ही नहीं, मानसिक विकास भी होता है : गीता शुक्ला
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद जयंती पर शनिवार को आर्यकन्या महाविद्यालय में गोष्ठी आयोजित की गई।
प्राचार्य प्रो. गीता शुक्ला ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि खेल हमारी इंद्रियों को सक्रिय करने के साथ अभ्यास में वृद्धि और तनाव में कमी लाते हैं। क्रीड़ा प्रभारी अर्चना सिंह ने मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेलों को पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं। इन्हें प्रतिस्पर्धा नहीं, खेल भावना से खेलना चाहिए।
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दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा पांडे ने कहा कि खेल से मन और चित्त की एकाग्रता बढ़ती है। संवाद
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