डीपीएम ने एसीएमओ पर लगाया पीटने का आरोप
झगड़ा पहुंचा कोतवाली तो अधिकारियों ने कराई सुलह
भ्रष्टाचार के मामले में मिशन निदेशक को पत्र लिखे जाने के बाद शुक्रवार को एसीएमओ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीपीएम के बीच सीएमओ कार्यालय में ही मारपीट हो गई। डीपीएम ने एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह और उनके ड्राइवर पर मारपीट का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत करने के बाद कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी। बताते चलें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के डीपीएम मनीष बिसारिया ने मिशन निदेशक सहित डीएम को पत्र लिखकर बताया था कि एसीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ही जिला क्षय रोग अधिकारी एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के प्रभारी हैं और दोनों पदों के लिए अलग-अलग गाड़ियों का अनुबंध है। डीपीएम ने एसीएमओ पर एक गाड़ी का प्रयोग करते हुए जिला लेखा प्रबंधक की सांठगांठ से दोनों गाड़ियों का पैसा निकालने का आरोप लगाया था, जिससे एसीएमओ डॉ. बलवीर सिंह नाराज थे।
डीपीएम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि शुक्रवार की सुबह वह करीब 10.45 पर सीएमओ ऑफिस जा रहे थे, उसी समय सीएमओ कार्यालय से निकल रहे एसीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने अपने ड्राइवर के साथ उस पर हमला बोल दिया और हाथापाई करने लगे। इसमें वह घायल हो गए। डीपीएम का कहना है कि एसीएमओ इससे पहले भी मोबाइल पर धमकी दे चुके हैं, जिसकी शिकायत करने पर सीएमओ ने कार्रवाई करने से ही मना कर दिया था। डीपीएम का कहना है कि शुक्रवार को हुई मारपीट के मामले की भी शिकायत सीएमओ से की, लेकिन उन्होंने तुम जानो और वह जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। डीपीएम ने बताया कि तब जाकर डीएम से मिले और उनके कहने पर ही कोतवाली में तहरीर दी। सदर कोतवाल नागेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
कोतवाल एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कराई सुलह
शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में एसीएमओ और डीपीएम के बीच हुई मारपीट के मामले में पहले तो सीएमओ ने अपना पल्ला झाड़ लिया, लेकिन डीएम के आदेश पर जब डीपीएम ने कोतवाली में एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह के खिलाफ तहरीर दी तो सभी अधिकारी सन्न रह गए। मामला तूल ना पकड़ ले, इसलिए अधिकारी सुलह कराने में जुट गए। शहर कोतवाल नागेश मिश्रा
की मौजूदगी में सीएमओ एवं अन्य अधिकारियों ने एसीएमओ डॉ. बलबीर सिंह और डीपीएम मनीष बिसारिया के बीच सुलह करा दी और इसकी एक प्रति डीएम को भेज दी।