गांव गौरिया में नाली बनाने के लिए कुछ लोगों ने एक धर्मस्थल के एक हिस्से को ही तोड़ दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और एक व्यक्ति को विरोध करने पर फावड़ा मारकर घायल कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सख्त तेवर दिखाए तो दोनों पक्ष शांत हो गए। पुलिस का कड़ा रुख देखते हुए धर्मस्थल की मरम्मत करा दी। करीब चार घंटे बवाल की स्थिति बनी रही। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
गौरिया गांव में काफी पुराना एक धार्मिक स्थान है। गांव के सुघर सिंह ने कुछ महीने पहले ही इसकी मरम्मत कराई थी। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह 11 बजे शराफत अली, बबलू, और राशिद इसके पास पानी निकालने के लिए नाली चौड़ा करने के लिए धर्मस्थल को ही तोड़ने की कोशिश करने लगे। एक कोना तोड़ भी दिया। सुघर सिंह के बेटे शिवम सिंह और गोलू सिंह ने जब विरोध किया तो दूसरे पक्ष के लोग नहीं माने। इस पर झगड़ा होने लगा। इसी बीच शराफत अली ने फावड़ा चला दिया, जिससे उसके दाएं हाथ की अंगुली जख्मी हो गई और दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक राजकुमार फोर्स के साथ पहुंच गए। दोनों लोगों के बीच बातचीत कर समझौता कराकर मंदिर की मरम्मत करा दी। एसपी पूनम, एएसपी घनश्याम चौरसिया, सिओ सिटी विजय आनंद, एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह भी गांव पहुंचे और मौका मुआयना किया। कोई और विवाद न हो इसलिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया।
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गांव के ही एक व्यक्ति के कहने पर हुआ ऐसा
ने बताया कि जब मंदिर की मरम्मत की जा रही तब भी इन लोगों ने विवाद किया था। गांव के ही दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति ने धर्मस्थल का रास्ता बंद करने की कोशिश की थी। तब पुलिस ने मामला सुलझाकर रास्ते से कब्जा हटा दिया था।
पांच लोगों के नामजद तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। मुख्य आरोपी गांव से फरार हो गए हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। मंदिर जो क्षतिग्रस्त हुआ था। उसकी मरम्मत करा दी गई है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। -राजकुमार प्रभारी निरीक्षक थाना फरधान