लखीमपुर खीरी। सोमवार रात आई आंधी ने जिलेभर में कहर मचाया। जगह-जगह पेड़ और बिजली खंभे धराशायी हो गए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई इलाकों में रातभर अंधेरा पसरा रहा। सबसे ज्यादा नुकसान मोहम्मदी, उचौलिया, पसगवां और मैगलगंज क्षेत्र में दर्ज किया गया।
जिले में 80 से अधिक छोटे-बड़े पेड़ गिरने और 450 से ज्यादा बिजली खंभे टूटने से शहर और गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। लखीमपुर शहर के बहादुरनगर, महराजनगर, गढ़ी, घोसियाना और छाउछ समेत कई मोहल्लों में तीन से चार घंटे बाद बिजली सप्लाई बहाल हो सकी।
पसगवां क्षेत्र में कई स्थानों पर पेड़ बिजली तारों और खंभों पर गिर गए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। ब्लॉक परिसर में भी बिजली न मिलने से कामकाज प्रभावित रहा। बरबर गांव में पानी की टंकी पर पीपल का पेड़ गिरने से टंकी का जीना क्षतिग्रस्त हो गया। पंप ऑपरेटर बृजभूषण ने बताया कि अब टंकी पर दोबारा जीना बनवाना पड़ेगा। अमीरनगर के बस्तौली और रेहरिया उपकेंद्र से जुड़े गांवों में भी देर रात तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
उचौलिया के वनकागांव और मोहनपुर ग्रांट बंगाली कॉलोनी में कई पेड़ गिरने से बिजली खंभे टूट गए और रास्ते बंद हो गए। ग्रामीणों ने खुद पेड़ों को हटाने का प्रयास किया। कई घरों के टिनशेड उड़ गए, जबकि चहारदीवारी और पक्की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हुईं। वनकागांव रोड स्थित नहर भट्ठा के पास पेड़ गिरने से 11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। कई जगह इंसुलेटर टूटने से गांवों में रातभर अंधेरा छाया रहा।
जेबीगंज-मोहम्मदी 33 केवी लाइन और शाहजहांपुर-कल्लुआ 33 केवी लाइन पर खंभे टूटने से कई गांवों की बिजली आपूर्ति बंद रही। विद्युत कर्मियों ने देर रात तक नुकसान का आकलन और मरम्मत कार्य शुरू किया।
-मोहम्मदी में सबसे ज्यादा नुकसान-
मोहम्मदी। एसडीओ शुभम मौर्य ने बताया कि आंधी से 450 बिजली खंभे टूट गए। इसमें सुकबसा क्षेत्र में 155, राजापुर बैनी में 26 और जेबीगंज गोकन क्षेत्र में 210 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। 33 हजार लाइन के 17 खंभे भी टूटे हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। दिलावरपुर और एडीजे कोर्ट के पास लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। स्वामी रामाश्रम कॉलेज के पास पेड़ गिरने से बिजली और यातायात दोनों प्रभावित हुए। संवाद
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दीवार गिरने से महिला घायल
मैगलगंज। आंधी में मैगलगंज बाइपास पर 12 से अधिक पेड़ गिर गए। गनीमत रही कि पेड़ हाईवे पर नहीं गिरे, नहीं तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता था। क्षेत्र निवासी नन्हें पंडित के मकान पर पक्की दीवार गिरने से उनकी पत्नी घायल हो गईं। उनके पैर की एक अंगुली कट गई, जिनको निजी चिकित्सक भेजा गया। दीवार गिरने से आरओ प्लांट भी क्षतिग्रस्त हो गया। संवाद
बरबर के पानी की टंकी पर गिरा पीपल का पेड़। संवाद
बरबर के पानी की टंकी पर गिरा पीपल का पेड़। संवाद
बरबर के पानी की टंकी पर गिरा पीपल का पेड़। संवाद