तबादलों में खेल, पटल बदलकर की खानापूरी
डीजीपी के आदेश के बावजूद वर्षों से पुलिस दफ्तर और थानों में जमे मुंशियों और दीवानों के पटल बदलकर खानापूरी कर दी। नतीजा यह हुआ कि पुलिस दफ्तर के पुलिसकर्मी वहीं पर बने रहे। थानों के मुंशी और दीवानों में से कुछ को तो इधर से उधर कर बाकी को यथा स्थानों पर छोड़ दिया गया हैं।
डीजीपी ने आदेश दिए थे कि एक साल से अधिक समय से थानों और पुलिस दफ्तरों में जमे पुलिसकर्मियों को हटाया जाए। इस क्रम में अफसरों ने थानों और दफ्तरों से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी थी। सूची मिलने के बाद एएसपी घनश्याम चौरसिया ने दो दिन पहले 57 पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण किए। इनमें पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और विभिन्न प्रकोष्ठों में तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन तबादलों में खेलकर दफ्तरों में तैनात पुलिसकर्मियों के सिर्फ पटल बदल दिए गए। मसलन क्राइम ब्रांच की विंग सर्विलांस सेल के सिपाही शराफत अली को इसी की एक ही छत में चल रही दूसरी विंग साइबर सेल, साइबर सेल के रविंद्र त्रिपाठी को सर्विलांस सेल में तैनात कर दिया। अगर पुलिस दफ्तरों के पुलिसकर्मियों के तबादलें पर नजर डालें तो प्रधान लिपिक देशराज यादव को उसी की आंकिक शाखा में तैनात किया गया है। थाना मितौली में ही सीओ मितौली का ऑफिस है। थाना मितौली से सिपाही सुरेश कुमार को हटाकर सीओ मितौली के ऑफिस में तैनाती दी गई है। यह तो सिर्फ एक बानगी भर हैं, ऐसे कई पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें एक-दूसरे पटल पर महज खानापूरी की गई। इससे कई सालों से जमे पुलिसकर्मी जहां थे, वहीं फिर रह गए। यही हाल थानों पर तैनात मुंशियों और हेड मुंशियों के तबादले में हुआ। अफसरों के आदेश पर थानों से गोलमोल सूची भेजी गई। अफसरों ने भी उसी सूची पर अपनी मोहर लगा दी और पड़ताल करने की भी जरूरत नहीं समझी। जिले के थाना सिंगाही, हैदराबाद, मैगलगंज, तिकुनियां, खीरी समेत करीब 10 थानों में अभी भी ऐसेे कई मुंशी और हेड मुंशी तैनात हैं, जो कई साल से हैं।
दफ्तरों में तैनात लंबे समय वाले पुलिसकर्मियों को हटाकर दूसरे स्थान पर तैनात किया गया है। जहां तक मेरे संज्ञान में हैं, अब थानों पर कोई एक साल से अधिक की तैनाती का पुलिसकर्मी नहीं है, फिर भी जांच कराएंगे। यदि कोई पुलिसकर्मी ऐसा मिलता है तो उसे हटाया जाएगा।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी