शहर के ऐरा रोड नौरंगाबाद में पांच दिनों से एक दलित परिवार खुले आसमान तले आसरे की उम्मीद में पड़ा है। उसके शिकायती पत्रों के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी ने सुधि नही ली है। वहीं इस मसले पर हाईकोर्ट में आज सुनवाई लगी है।
शहर के ऐरा रोड नौरंगाबाद निवासी द्वारिका प्रसाद ने डीएम को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि वह चार दशकों से अधिक समय से किराएदार है, जिस मकान में वह रहता था वहीं पर सड़क के किनारे सब्जी का ठेला रखकर तो कुछ सदस्य रिक्शा चलाकर किसी तरह रोजी रोटी जुटाते थे। इधर अदालत से किराएदारी का मुकदमा हारने के बाद द्वारिका प्रसाद ने हाईकोर्ट में निचली अदालत के खिलाफ अपील की, जिसमें दूसरा पक्ष हाजिर भी हो चुका था। मुकदमा सुनवाई के लिए अगली तिथि चार जनवरी मुकर्रर है। इसी बीच शीतकालीन अवकाश के दौरान जब हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट बंद हो गई तभी दूसरी पार्टी ने पुलिस बल का सहारा लेकर उसे मकान से बेदखल कर दिया गया। बताते हैं कि पुलिस की मदद से भवन खाली कराने के बाद तुरंत ही जेसीबी से मकान ढहा दिया गया, जिससे किराएदार दोबारा भवन में अतिक्रमण न कर सके।
अदालत के आदेश पर खाली कराया गया मकान
इस संबंध में शहर कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि किराएदार को बेदखल करने के लिए अदालती आदेश था, लिहाजा उन्होंने कानूनन भवन खाली कराया है।