मोहम्मदी के अमरीघाट में नई मूर्ति स्थापित। संवाद
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मोहम्मदी। कोतवाली क्षेत्र के अमरीघाट आश्रम पर शुक्रवार देर रात क्षतिग्रस्त हुई देवी की मूर्ति को रविवार को बदलवा दिया गया। आश्रम में नई मूर्ति लगने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। उधर, घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस अराजक तत्वों की तलाश में जुट गई है जिससे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
गौरतलब है कि अमरीघाट आश्रम में शुक्रवार को मध्यरात्रि में किसी अराजक तत्व ने देवी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। शनिवार सुबह जानकारी होने पर आश्रम के पुजारी नीरज कुमार ने इसकी जानकारी थाना पुलिस को दी। कुछ ही देर में प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जांच पड़ताल कर क्षतिग्रस्त मूर्ति को कब्जे में ले लिया। पुजारी की तहरीर पर पुलिस ने घटना में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। साथ ही मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल पड़ोसी जनपद से नई मूर्ति मंगवाकर रविवार को स्थापित करा दिया।
गत वर्ष भी आश्रम पर बोला गया था हमला
गत वर्ष 27 सितंबर को इसी मंदिर पर सर्वेश, राजपाल सिंह, बाबा सुरेंद्र, पंडित परमानंद, अवध नरेश, छैलबिहारी आदि अखंड पाठ का आयोजन करा रहे थे, तभी शाम पांच बजे करीब निकटवर्ती गांव फिरोजपुर के 10-15 लोग ट्रैक्टर ट्रॉली से आए जो हाथों में लाठी, डंडा और अवैध असलहा लहरा रहे थे। देखते देखते इन लोगों ने पूजा में बाधा डाली और पूजा का सामान फेंक कर रामचरित मानस नष्ट कर दी थी। उस समय पुलिस ने 8-10 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। बताते है कि पुलिस ने इसमें जानलेवा हमले की धारा 307 को हटा दिया था, जिससे सभी को जमानत मिल गई थी। इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी का कहना है कि क्षेत्र के अराजक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। अराजकतत्वों की पहचान कर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।