निघासन। क्षेत्र में तैनात कुछ लेखपालों की शिकायतें लगातार सामने आने के बाद शुक्रवार को अपर उप जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने लुधौरी पंचायत भवन पहुंचकर बाढ़ राहत मुआवजे में की गई गड़बड़ियों की तह तक जाने का प्रयास किया। उन्होंने प्रभावित किसानों के बयान दर्ज किए और उनकी समस्याएं सुनीं।
लेखपाल शिवम गुप्ता और ज्योति प्रकाश वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपर एसडीएम को जांच के लिए भेजा। एएसडीएम अर्चना वर्मा ने लुधौरी पंचायत भवन में पीड़ित किसानों को बुलवाया और उनसे लेखपालों की कार्यशैली के बारे में जानकारी ली।
मौके पर कई किसानों ने लेखपाल शिवम गुप्ता पर मुआवजा वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि लेखपाल ने मनमाने तरीके से वितरण किया। इससे असली हकदार वंचित रह गए।
इसी तरह पूर्व लेखपाल ज्योति प्रकाश वर्मा पर भी गंभीर आरोप सामने आए। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दक्षिण निघासन रेंज के सामने स्थित वर्षों पुरानी बगिया को सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर एक वकील के नाम दर्ज करा दिया, जबकि उस भूमि पर लंबे समय से एक गरीब परिवार रह रहा था। वही उसका असली दावेदार था। पीड़ित रामू राजवंशी ने स्वयं एएसडीएम से मुलाकात कर पूरी आपबीती सुनाई। एएसडीएम अर्चना वर्मा ने कहा कि यह गोपनीय जांच है, जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। फिलहाल जो शिकायतें सामने आई हैं, उनके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।