नेपाल के हालात को लेकर एसएसबी भी काफी सतर्क हो गई है। इसी के चलते एसएसबी कमांडेंट बीएस सिद्धू और कैलाली एपीएफ बीएसओ के बीच गौरीफंटा कंपनी मुख्यालय पर जेबी खड़का के बीच लंबी गुफ्तगू हुई। इसमें कमांडेंट ने उन्हें आश्वासन दिया कि एसएसबी सीमा पर नेपाल की सुरक्षा के तहत हर एहतियात बरतेगी और सीमा पर हर संभव मदद भी की जाएगी।
नेपाल का जिला कैलाली और उसका मुख्यालय धनगढ़ी भारत की गौरीफंटा सीमा से सटा है। जिला कैलाली में अभी कुछ दिन पहले ही आंदोलनकारियों से संघर्ष में पुलिस के एसएसपी लक्ष्मण न्यूपाने, तीन इंस्पेक्टरों समेत करीब 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इसके बाद से जहां नेपाल सुरक्षा तंत्र सकते में आ गया था वहीं दूसरी ओर भारतीय सुरक्षा एजेंसी एसएसबी सतर्क हो गई थी। हालात से निपटने के लिए एसएसबी और नेपाल के एपीएफ की अधिकारियों ने गौरीफंटा कंपनी मुख्यालय पर एक बैठक की। बैठक में एसएसबी कमांडेंट और नेपाल एपीएफ बीएसओ ने हिस्सा लिया। दोनों के बीच लंबी गुफ्तगू हुई इसमें नेपाल एपीएफ ने नेपाल से थारूओं के इधर आने और इधर से जाने पर पाबंदी लगाने का सहयोग मांगा। उनका तर्क था कि करीब 80 प्रतिशत इधर उधर थारूओं में रिश्तेदारियां हैं इससे दोनो देशों को खतरा हो सकता है। एसएसबी कमांडेंट ने कहा कि उन्होंने पहले ही खतरे को भांपते हुए चौकसी बढ़ा दी है इसके बाद भी वह हर संभव मदद करेंगे। कमांडेंट ने बताया कि उन्होंने यहां के थारू समुदाय के कई अगुवाकारों से वार्ता की है जिन्होंने आश्वासन दिया है कि वह नेपाल के आंदोलन में किसी प्रकार की हिस्सेदारी नहीं करेंगे। बताया कि एसएसबी अतिरिक्त नाकेबंदी कर रही है और पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है।
लगाए गए अतिरिक्त जवान
एसएसबी ने नेपाल के हालातों को देखते हुए सीमा पर मुख्यालय से अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है। वह सीमा पर मुस्तैद होकर चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं।