लखीमपुर खीरी। प्रदेश में बढ़ रही बेरोगजारी, महंगी शिक्षा, निजीकरण, भ्रष्टाचार आदि के विरोध में समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष आकाश लाला के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता लोहिया भवन के सामने एकत्र हुए। बाद में इन लोगों ने कचहरी रोड पर लेटकर सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
सपा छात्रसभा जिलाध्यक्ष आकाश लाला ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण देश और प्रदेश में अव्यवस्था का माहौल बनता चला जा रहा है, सबसे अधिक बेरोजगारी बढ़ी है। सरकारी नौकरी के पदों पर कटौती जारी है। सिर्फ लॉकडाउन के समय में ही 12 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं। गिरती अर्थव्यवस्था, घटते रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी के चलते लोग आत्महत्या कर रहेे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकारी संस्थाओं पर रिक्त पदों पर बेरोजगारों की नियुक्तियां की जाए, जो लोग लॉकडाउन के कारण नौकरियों और मजदूरी से अलग हो गए हैं उनको सरकार 15 हजार रुपये गुजारा भत्ता दे।
वक्ताओं का कहना था कि पांच वर्ष की संविदा के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया युवाओं के साथ अन्याय और छलावा है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में सरकार विनियमितिकरण नियमावली 2020 वापस ले। इस मौके पर काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पलियाकलां। जावेद अख्तर के नेतृत्व में सपाइयों ने बेरोजगारी दिवस मनाया। इस मौके पर राजा खान, सुरजीत सिंह, मोहम्मद कलीम, प्रदीप पाल, घनश्याम दिवाकर, रामनिवास दिवाकर, मनोज कुमार विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मोहम्मदी। क्षेत्र के रायपुर गांव में शिवेंद्र यादव उर्फ मोनू के निवास पर युवाओं ने बेरोजगार दिवस मनाया और सरकार से युवाओं को रोजगार दिलने की मांग की। इस मौके पर महेश यादव, संदीप यादव, आरिफ गाजी, अखिलेश सिंह, अंकुर कनौजिया ,लकी कश्यप, आदि मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने की सुगबुगाहट से सतर्क रही पुलिस
लखीमपुर खीरी। स्थानीय अभिसूचना इकाई को सूचना मिली कि समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला फूंक सकते हैं। इसको लेकर पुलिस सतर्क हो गई। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को कचहरी गेट पर तैनात कर दिया गया। इसके अलावा लोहिया भवन पर सीओ सिटी संजय नाथ तिवारी, प्रभारी निरीक्षक सदर सुनील सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना खीरी फतेह सिंह और स्थानीय अभिसूचना इकाई के तमाम कर्मचारी डटे रहे। पुलिस में पुतला दहन का इतना भय था कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी पुलिस मौके पर काफी देर तक डटी रही।