ब्लाक की पांच जिला पंचायत सदस्य की सीटों में दो सीटों पर समाजवादी पार्टी, एक-एक पर बसपा-भाजपा समर्थित और एक सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की।
बिजुआ प्रथम से बसपा समर्थित शिव कुमार गिरि, दो नंबर सीट से भाजपा के नरेंद्र सिंह, तीन नंबर सीट पर सपा कार्यकर्ता और गोविंदापुर के मौजूदा प्रधान सतेंद्र कुमार कश्यप, चार नंबर सीट पर निर्दलीय कुलवंत कौर और पांच नंबर सीट पर सपा से आरपी चौधरी ने जीत हासिल की।
दो घंटे तक माहौल रहा गर्म
बिजुआ। जिला पंचायत सदस्य की चार नंबर सीट पर दो प्रत्याशी खुद के जीत के दावे करते रहे, जिस कारण मतगणना के आखिरी पल तक गहमागहमी बनी रही। हुआ यूं, इस सीट पर सपा के हरिओम सिंह की पत्नी रामकली और कश्मीर सिंह की पत्नी कुलवंत कौर के बीच महज 48 वोटों को लेकर आगे-पीछे चल रहे थे। हर्रैया गांव का बॉक्स खुलना बाकी था, इसी बक्से पर दोनों की हार जीत का फैसला होना बाकी था। इस बक्से के खुलने पर कुलवंत कौर के एजेंट बने पति कश्मीर सिंह खुद को 68 वोट से जीता बता रहे थे, वहीं रामकली के पति हरिओम सिंह खुद को जीता बताने लगे। कई बार माहौल गर्म हो गया। भीरा एसओ ब्रजराज यादव और चौकी प्रभारी डीके शुक्ला ने दोनों पक्ष के समर्थकों को कैंपस से बाहर कर निर्वाचन अधिकारी के पास ले गए। इस दौरान शेष चार रिजल्ट औपचारिक रूप से घोषित हो गए, लेकिन चतुर्थ सीट पर करीब दो से ढाई घंटे तक रिजल्ट की शीट ही नही भरी जा सकी। इस देरी को लेकर माहौल में तनाव रहा, बाद में प्रपत्र भरकर उन्हें मौखिक सूचना दी गई। बता दें कि जिला पंचायत सदस्य के प्रमाणपत्र का जिले से ही वितरण होना था, एवं वोटों की फीडिंग भी जिले से ही होती।
सपा नेता आरपी चौधरी मतगणना केंद्र पर डटी रहीं
बिजुआ। विधानसभा चुनाव 2012 में हरगांव से विधायक पद के लिए हुए चुनाव में रनरअप रहीं सपा नेता बिजुआ पंचम से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत गईं।
पिछले विधानसभा चुनाव में आरपी चौधरी ने प्रदेश के तत्कालीन मंत्री रामहेत भारती से काफी कम अंतर से चुनाव हार गईं थीं। वह पिछले तीन साल से हरगांव विधानसभा क्षेत्र में प्रभारी के तौर पर सपा की नुुमाइंदगी कर रहीं हैं। जिला पंचायत सदस्य चुनाव उन्होंने बिजुआ के सभी प्रत्याशियों से अधिक वोटों से जीता है।