लखीमपुर खीरी। सपा ने जिले की सबसे उठापटक वाली सीट रही धौरहरा के लिए बृहस्पतिवार को टिकट का एलान कर दिया। धौरहरा से इसी महीने भाजपा विधायक बाला प्रसाद और बसपा से पूर्व विधायक शमशेर सिंह सपा में शामिल हुए थे। लेकिन, सपा ने पुराने संबंधों पर भरोसा जताते हुए पूर्व मंत्री यशपाल चौधरी के बेटे वरुण चौधरी नीलू को ही टिकट दिया है। इससे धौरहरा सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो चला है। जबकि, मोहम्मदी में सपा ने दाउद अहमद को टिकट दिया है।
धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी और बसपा के पूर्व विधायक शमशेर बहादुर सिंह हाल ही में सपा से टिकट की उम्मीद में साइकिल पर सवार हुए थे। टिकट न मिलने से दोनों नेता और उनके समर्थकों में असंतोष नजर आ रहा है। हालांकि, फोन पर बातचीत में उन्होंने इसे पार्टी का निर्णय बताते हुए पार्टी के लिए काम करने की बात कही है।
जिले की छह सीटों पर सपा उम्मीदवार घोषित होने के बाद धौरहरा और मोहम्मदी में उम्मीदवार घोषित करने में सपा को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। इस बीच यहां कयासों का दौर जारी रहा। दोनों क्षेत्रों से सपा टिकट के प्रबल दावेदार अपना टिकट फाइनल होने का दावा करते रहे।
कयासों के चलते दो दिनों तक यहां ऊहापोह की स्थिति बनी रही। धौरहरा से वरुण चौधरी नया चेहरा हैं। यह पहली बार चुनाव मैदान में उतरेंगे, जबकि मोहम्मदी से दाउद अहमद इससे पहले विधायक और सांसद रह चुके हैं। वह इससे पहले 2017 में मोहम्मदी से बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
धौरहरा.....वरुण चौधरी
वरुण चौधरी युवा उम्मीदवार हैं। वह पहली बार चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं। इनके पिता यशपाल चौधरी धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार 1993 और 2002 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। 1993 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सरस्वती प्रताप सिंह को हराया और 2002 में बसपा के बाला प्रसाद अवस्थी को हराकर विधायक बने। 2007, 2012 और 2017 में उन्हें लगातार तीन बार पराजय का सामना करना पड़ा। करीब एक साल पहले उनका निधन हो गया। अब उनके पुत्र वरुण चौधरी उनकी राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं।
मोहम्मदी......दाउद अहमद
दाउद अहमद 1999 में पहली बार बसपा के टिकट पर शाहाबाद संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीत कर सांसद बने।
2007 में हरदोई जिले के पिहानी विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने। 2014 में लोकसभा क्षेत्र धौरहरा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। 2017 में वह मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट से चुनाव लड़े, लेकिन वह तीसरे नंबर पर रहे। वर्ष 2020 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। इस बार सपा ने मोहम्मदी से उन पर दांव लगाया है।
2017 में थे आमने-सामने, अब एक साथ
लखीमपुर खीरी। धौरहरा में 2017 के चुनाव में आमने सामने रहने वाले नेता एक साथ समाजवादी रथ पर सवार हुए हैं, उससे धौरहरा की लड़ाई और भी दिलचस्प हो चली है। बाला प्रसाद अवस्थी 13 जनवरी तो पूर्व बसपा विधायक शमशेर सिंह 14 जनवरी को सपा में शामिल हुए थे।
धौरहरा सीट पर इस बार जो सबसे खास बात है वह यह कि सपा में शामिल होने वाले विधायक बाला प्रसाद, पूर्व विधायक शमशेर सिंह और यशपाल चौधरी के बेटे वरुण चौधरी दावेदारी कर रहे थे, जिसमें वरुण चौधरी को टिकट मिला है। 2017 में तीनों पक्ष आमने-सामने चुनाव लड़ चुके हैं, जिसमें बाला प्रसाद अवस्थी को जीत मिली थी और यशपाल चौधरी दूसरे नंबर पर रहे थे। जबकि, बसपा के शमशेर सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे।
वरूण चौधरी- फोटो : LAKHIMPUR
व्यय प्रेक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक करते डीएम- फोटो : LAKHIMPUR