सपा-भाजपा शासन में नौजवान हताश हैं। दोनों दलों ने चुनाव के समय नौजवानों को तत्काल रोजगार देने का सुनहरा सपना दिखाया था जो अब टूट चुका है। देश के किसानों की स्थिति पहले ही दयनीय हो चुकी है। बाजार में किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। फसल बेचने के बाद वह भुगतान के लिए भटकते रहते हैं। यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने एलआरपी गेस्ट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि किसानों का गन्ना मिलों में जा रहा है लेकिन उन्हें फसल का मूल्य उचित समय पर नहीं मिल रहा है। इससे किसान परिवार का भरण पोषण करने में अपने को असमर्थ पा रहे है। दिल्ली और लखनऊ में बैठे सत्ता के लोग किसानों को सिर्फ लुभावने सपने दिखा रहे हैं। यही हाल प्रदेश के नौजवानों का है। रोजगार के नाम पर उन्हें रोज नई-नई नौकरियों के बारे में बताया जाता है लेकिन वास्तव में नौजवान इधर-उधर भटकता नजर आ रहा है। नौकरी के नाम पर अभी तक केंद्र और प्रदेश सरकार ने नौजवानों के लिए कुछ भी नही किया है। उन्होंने कहा कि जनता इन नेताओं की सच्चाई जान चुकी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने धौरहरा विधानसभा के कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद धौरहरा ब्लाक स्थित सुजईकुंडा गांव मेें मोनू शुक्ला के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने गए। वापस आकर लखीमपुर शहर में प्रेमी अग्रवाल के आवास, तारिक हुसैन खां एडवोकेट के आवास, स्व. अरुण वाजपेयी के आवास, स्व. बाबूराम शुक्ला के आवास, स्व. दृगपाल गुप्ता के आवास तथा संजय चौधरी के आवास पर जाकर शोक संवेदना जताई और सुख-दुख में साथ रहने का वादा किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष इकबाल अहमद खां, रवि प्रताप सिंह, अशोक सक्सेना, रामेंद्र जनवार, राजीव अग्निहोत्री, दीपक वाजपेयी, संजय चौधरी, सुजीता कुमारी, नवीन पांडेय, राजीव मिश्रा, पप्पू मनार, राम सागर मिश्रा, गणेश प्रताप सिंह, आशुतोष पांडेय, डॉ. वीरेंद्र वर्मा, रहीस अहमद, रिशाल अहमद, मीना मिश्रा, मंजीत कौर, इरफान किदवई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।