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UP PCS 2024 Result: पिता ने मजदूरी कर पढ़ाया, तीन बीघा जमीन बेची, पीसीएस परीक्षा पास कर बेटा बना अफसर

Mon, 30 Mar 2026 03:48 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में मजदूर के बेटे वरुण कुमार ने यूपी पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनका चयन डीएसपी पद पर हुआ है। रविवार रात पीसीएस परीक्षा का परिणाम आया तो वरुण के परिवार में खुशियां छा गईं। उधर, मितौली क्षेत्र के चटौरा गांव निवासी निधि वर्मा का चयन समाज कल्याण अधिकारी पद पर हुआ है। 
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डीएसपी पद पर हुआ वरुण कुमार का चयन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत सफलता की कुंजी होती है। अगर किसी लक्ष्य को हासिल करने का दृढ़ संकल्प लिया है और उसे हासिल करने के लिए पूरी शिद्दत से मेहनत करते हैं तो कोई भी बाधा सफलता प्राप्त करने से नहीं रोक सकती है। लखीमपुर खीरी में मजदूर के बेटे ने यह कर दिखाया है। अमीरनगर क्षेत्र के गंगापुर ग्रंट निवासी संतराम के पुत्र वरुण कुमार का डीएसपी पद पर चयन हुआ है। इस सफलता के पीछे वरुण का दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और परिवार का संघर्ष रहा है। 

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वरुण कुमार ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनका चयन डीएसपी पद पर चयन हुआ है। रविवार रात जब पीसीएस परीक्षा परिणाम आया तो वरुण के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके माता-पिता और भाई-बहन की आंखों से खुश छलक पड़े। घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। 

प्राइमरी स्कूल से शुरू की थी पढ़ाई 
भाई नीरज कुमार ने बताया कि वरुण की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने अमीरनगर कस्बे के जहीर हसन अल्पसंख्यक इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई मोहम्मदी के पीडी इंटर कॉलेज से पूरी की। इंटरमीडिएट करने के बाद बीएससी जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर से की। इसके बाद वरुण कुमार प्रयागराज चले गए। वहां छह वर्ष तक तैयारी की। नीरज कुमार ने बताया कि उनके पिता संतराम मेहनत मजदूरी करते हैं, लेकिन भाई को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 

कच्चे मकान में रहता है परिवार 
नीरज कुमार ने बताया कि भाई वरुण कुमार की पढ़ाई पूरी कराने के लिए पिता ने तीन बीघा जमीन बेच दी। मेहनत मजदूरी की। वहीं वरुण ने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से पीसीएस में सफलता हासिल की है। वरुण फिलहाल इलाहाबाद में ही हैं। वहां से घर आने पर खुशियां मनाएंगे। वरुण के परिवार में पिता संतराम, माता रामदेवी, भाई नीरज कुमार, बहन पूनम देवी हैं। उनका परिवार गांव में आज भी कच्चे मकान में रहता है।
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निधि वर्मा - फोटो : संवाद
पिता सोसाइटी में सचिव, बेटी बनी समाज कल्याण अधिकारी
मितौली क्षेत्र के चटौरा गांव की बेटी निधि वर्मा ने यूपीपीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार और इलाके का नाम रोशन किया है। घोषित परिणाम में उनका चयन समाज कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ है। निधि के पिता पुत्तू लाल वर्मा मुरासा गांव स्थित साधन सहकारी समिति में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं, जिनमें निधि चौथे नंबर की संतान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम आज सामने है। 

परिवार के अन्य सदस्य भी शिक्षा और सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं। बड़े बेटे अरविंद प्रताप वर्मा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि दूसरी संतान बेटी का विवाह हो चुका है। तीसरे नंबर की बेटी लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। सबसे छोटे बेटे अमरेंद्र प्रताप वर्मा लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। निधि की इस सफलता पर गांव और क्षेत्र के लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। ग्रामीणों का कहना है कि निधि की मेहनत और लगन से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
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