प्रदेश के इकलौता दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों के लिए सोमवार से बंद हो जाएगा। रविवार को यहां सैलानियों की खासी भीड़ उमड़ी। पार्क का अगला पर्यटन सत्र अब 15 नवंबर को शुरू होगा तभी से सैलानियों को यहां के दुर्लभ जीवों और अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य के दीदार हो सकेंगे।
अनोखी नैसर्गिक छटा को अपने आगोश में छिपाए हुए अकूत वन संपदा से परिपूर्ण 884 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला दुधवा नेशनल पार्क दुनिया के नक्शे में जिन विशेषताओं के कारण प्रसिद्ध है वह है यहां हजारों की संख्या में स्वछंद विचरण करने वाले विभिन्न प्रजातियों के हिरन हैं। इसके अलावा बाघ, गैंडे भी यहां की पहचान हैं। दुधवा नेशनल पार्क विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों के लिए भी विख्यात है। इसमें गुल्म, लता, घास समेत तमाम दुर्लभ वनस्पतियां भी शामिल हैं। दुधवा की यह सब खासियत यहां सैलानियों को खींच लाती है।
दुधवा का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होता है और 15 जून को समाप्त हो जाता है। बारिश की शुरूआत होने पर दुधवा के भीतरी कच्चे रास्ते खराब हो जाते हैं जिससे सैलानियों को भ्रमण में दिक्कत आ सकती हैं। सोमवार 15 जून को दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन सत्र का समापन हो रहा है। सत्र समाप्ति से पहले रविवार को सैलानियों की खासी भीड़ उमड़ी। सत्र के अंतिम दिनों में दुधवा का लुत्फ उठाने की होड़ सभी सैलानियों में साफ दिखाई दे रही थी। सोमवार को सैलानियों को पार्क भ्रमण कराकर सत्र का समापन कर दिया जाएगा।