भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने शुक्रवार को अन्न शपथ ली। अभियान के संयोजक मृगांक शेखर उपाध्याय और महिला विंग की प्रमुख सुनीता शुक्ला ने अपने अभियान की जानकारी छात्राओं को दी। यहां हुई गोष्ठी में कई शिक्षिकाओं और छात्राओं ने विचार रखे।
गोष्ठी में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निरुपमा अशोक ने कहा कि यह विडंबना ही है कि एक तरफ लोग भूख से परेशान हैं तो दूसरी तरफ हम भोजन की बर्बादी कर रहे हैं। हमारे देश में सामाजिक, आर्थिक विकास के साथ शादियों की तड़क-भड़क बढ़ती जा रही है। नव धनाड्य इसे अपनी हैसियत दिखाने का अवसर मानता है और इस मौके पर बेहिसाब खर्च करता है।
मृगांक शंकर उपाध्याय ने बताया कि हम बने भोजन का करीब 30 प्रतिशत जूठन के रूप में बर्बाद कर रहे हैं। हमारा देश उत्सव प्रेमी देश है। विभिन्न व्यंजनों को परोसना हमारे यहां सम्मान से जोड़ कर देखा जाता है। यदि हम भोजन की बर्बादी पर रोक लगा लें तो सहालकों के समय अचानक मूल्य वृद्धि पर रोक लग सकेगी।
सुनीता शुक्ला ने महिलाओं को आगे बढ़कर इससे जुड़ने की अपील की क्योंकि बिना आधी आबादी के सहयोग से कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। संस्कृत प्रवक्ता सुरचना त्रिवेदी ने पहल का स्वागत किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भूखे को खाना खिलाना भारतीय परंपरा में सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। हम खाने की बर्बादी को रोक कर यह कार्य कर सकते हैं। इससे अलग से बोझ नहीं पड़ेगा।
डॉ. मनोरमा सिंह, डॉ. पुष्पा मलिक, डॉ. गीता, डॉ. वीना रानी, डॉ. अर्चना, डॉ. सुशीला समेत सभी प्रवक्ता और शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। प्राचार्य डॉ. निरुपमा अशोक ने सभी को अन्न शपथ दिलाई। सैकड़ों छात्राओं ने उत्साह पूर्वक अन्न बचत की शपथ ली।