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तो बेफिक्र मिल मालिकों को नहीं किसानों की फिक्र

Sat, 02 Jan 2016 09:50 PM IST
लखीमपुर खीरी
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चालू पेराई सत्र के डेढ़ माह बीतने को हैैं, लेकिन चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रही हैं। इससे तमाम किसानों की हालत बदतर हो रही है। सिर्फ तीन चीनी मिलों कुंभी, गुलरिया और अजबापुर ने किसानों के आंसू पोछने को 240 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आंशिक भुगतान किया है। जबकि प्रदेश सरकार के अधीन दो सहकारी चीनी मिलों समेत छह मिलों ने अभी नए सीजन में एक पैसे का भी भुगतान नहीं किया है। बेफिक्र हुए मिल मालिकों की मनमर्जी के कारणों में खास प्रदेश सरकार की दरियादिली ही है, जो किसानों की दुर्दशा की बड़ी वजह बनती जा रही है। वहीं जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) के पुरानी दर से किसानों को भुगतान करने की नोटिस पर मिल अध्यासियों ने संज्ञान नहीं लिया है।
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पेराई सत्र 2015-16 में 23 नवंबर 2015 से मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी थी। गन्ना एक्ट के मुताबिक गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिनों के अंदर किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन एक्ट के प्रावधानों का मखौल उड़ाया जा रहा है। उधर, प्रदेश सरकार ने अभी तक राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) की घोषणा न करके सीधे चीनी मिलों को वाकओवर दे रखा है। इसी का फायदा उठाते हुए चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रहीं हैं। हालांकि जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में चीनी मिलों को नोटिस जारी कर पिछले रेट के मुताबिक भुगतान करने के निर्देश दिए थे। ताकि किसानों की जरूरते भी पूरी होती रहें, लेकिन बेफिक्र मिल मालिकों ने ऐसा नहीं किया। लिहाजा मिल मालिकों और प्रदेश सरकार की जुगलबंदी से लाखों गन्ना किसान बेहाल हैं।
सिर्फ तीन मिलों ने किया भुगतान
नए पेराई सत्र में अभी कुंभी मिल ने 27 करोड़ 26 लाख, गुलरिया ने 29 करोड़ 32 लाख 89 हजार रुपये और अजबापुर मिल ने 44 करोड़ रुपये भुगतान किया है। जबकि बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा ने इस वर्ष एक भी पैसे का भुगतान नहीं किया, बल्कि पिछला भी बकाया है। इसी तरह ऐरा, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर ने भुगतान नहीं किया है।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि मिल अध्यासियों से लगातार बातचीत कर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सहकारी क्षेत्र की दोनों मिले एक-दो दिन में भुगतान करेंगी। जबकि बजाज ग्रुप की मिलें नौ जनवरी तक भुगतान करेंगी। पिछले वर्ष की बकाया गन्ना मूल्य इसी सप्ताह पूर्ण भुगतान करा दिया जाएगा।
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