खुद नगर पालिका अध्यक्ष भी इस बात से हैरत में हैं कि लखीमपुर को रैंकिंग में नवां स्थान मिला था, लेकिन दोबारा जारी हुए आंकड़ों में लखीमपुर 14 वें स्थान पर आया। हालांकि उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अभी स्मार्ट सिटी विकसित करने के लिए चयन प्रक्रिया जारी है। तीन माह बाद होने वाले कंप्टीशन में लखीमपुर का चुना जाना तय है। स्मार्ट सिटी मिशन योजना के लिए जो 15 मानक तय किए गए हैं, उनमें ई-गर्वनेंस, कूड़ा प्रबंधन, राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, ई-पत्रिका, बजट व्यय सूचना, निवारण प्रणाली, जलापूर्ति की स्थापना समेत कई बिंदु शामिल थे। जिन पर प्रतिस्पर्धा के दौरान लखीमपुुर नगर पालिका को 72.50 अंक मिले हैं। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव का कहना है कि 28 जुलाई को हुई वर्कशॉप में उन्हें बुलाया गया था। वर्कशॉप में केंद्र सरकार द्वारा तय की गई गाइड लाइन पर नगर पालिका द्वारा कराए गए कार्यों की रेटिंग की गई। जिनमें 20 प्रतिशत से कम होने पर प्रतिस्पर्धा से बाहर किया गया। नगर अध्यक्ष ने कहा कि अभी 13 शहरों का चयन हुुआ है, लेकिन शहरों के चयन की यह प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। जिसमें लखीमपुुर के ढाई नंबर बढ़ेंगे और रेटिंग में लखीमपुर के 75 अंक हो जाएंगे। इससे स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अंतर्गत लखीमपुर का चयन होना सुनिश्चित है। नगर पालिका अध्यक्ष ने साफ शब्दों में तो नहीं कहा, लेकिन उन्होंने आश्चर्य जताते हुए राजनीतिक हस्तक्षेप की ओर भी इशारा किया।