तहसीलदार ने 57 कटान पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
ब्लाक क्षेत्र के हटवा गांव में घाघरा नदी का जलस्तर कम होने से कटान धीमा हुआ है। इसके बावजूद कटान से भयभीत ग्रामीणों का अपने मकान तोड़ कर पलायन जारी है। उधर तहसीलदार नीरज पटेल ने कटान प्रभावित गांव में पहुंचकर 57 कटान पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया।
ईसानगर के हुलासपुरवा का नामोनिशान मिटाने के बाद घाघरा नदी ने पड़ोसी गांव हटवा को निगलना शुरू कर दिया है। बीते चार दिनों में घाघरा ने तेजी से कटान किया। इसमें आठ घरों सहित सैकड़ों बीघा खेतों में खड़ी लहलहाती फसलों और नए पुराने पेड़ों को उजाड़ दिया। घाघरा के तेज कटान को देखकर गांववालों ने अपने घरों को तोड़ कर पलायन शुरू कर दिया है।
शनिवार शाम से घाघरा के जलस्तर में काफी कमी आई है। इसके चलते कटान धीमा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी में अचानक कब तेजी आ जाए इसका कोई भरोसा नहीं। लोग कटान धीमा होने के बाद भी घरों को तोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। शनिवार शाम गांव पहुंचे तहसीलदार नीरज पटेल ने 57 कटान प्रभावित परिवारों को तिरपाल, पिपिया, दस किलो चावल, दस किलो आटा, दो किलो दाल, माचिस, नमक, नहाने और कपड़ा धोने का साबुन बांटा।
तहसीलदार ने बताया कि कटान पीड़ितों को गृह अनुदान उनके खातों में भेजा जा रहा है। इस मौके पर एसओ ईसानगर शिवानंद यादव भी मौजूद रहे ।
तेजी से कटान कर जनकपुर की ओर बढ़ रही मोहाना
तिकुनियां। नेपाल-भारत सीमा पर बह रही मोहाना नदी के तेवर विकराल हैं। मोहना इस बार तेजी से कटान करते हुए गांव जनकपुरी की ओर बढ़ रही है। जिससे ग्रामीणों और किसानों में हड़कंप मचा है। मोहना नदी गांव के किसानों की अब तक 20 एकड़ खेतिहर जमीन निगल चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी कटान रोकने के बंदोबस्त कराने की मांग की है।
बरसात के दिनों में वैसे तो मोहाना नदी हर साल विकराल रूप धारण करती है। इस बार ग्राम पंचायत बरसोला कलां के मजरा गांव जनकपुर गांव के निकट नदी ने धान-गन्ने से लहलहाती फसलों समेत खेतों को निगलना शुरू कर दिया है। जिससे गांव के लोग दहशत में हैं। नदी गांव के ही राजलाल, हेमराज, शंकर, अनिल, प्रकाश, अमरुद्दीन, मैकू, महादेव, तिखेनी, चंदा, रामऔतार, राधेश्याम, मिश्रीलाल, शिवप्रसाद, संतोष कुमार, पूरन के खेत निगल चुकी है। ग्राम प्रधान मोहम्मद मियां ने बताया कि कटान की सूचना प्रशासन को दी गई है।